भारत में मुगल साम्राज्य के पतन का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति के लिए विपक्षी दलों पर प्रहार किया और उन पर प्रतिभा के स्थान पर वंशवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। अमेरिका की पहली यात्रा पर आये खान ने रविवार को वाशिंगटन में प्रवासी पाकिस्तानियों को संबोधित किया और उनसे कहा कि उनकी सरकार ने निर्वाचित नेताओं को जवाबदेह बनाने के लिए कदम उठाए हैं।
इस संबंध में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी जैसे विपक्षी नेताओं पर की गयी कार्रवाई का उल्लेख किया। पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए खान ने कहा, ‘‘ पाकिस्तान में आज जो कुछ हो रहा है, वह नया पाकिस्तान है। वहां अब प्रभावशाली व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराया जा रहा है।’’ क्रिकेट से राजनीति में आये खान ने कहा कि वह देश में प्रतिभा को उचित जगह दिलाने की व्यवस्था लाने के लिए कटिबद्ध हैं।
अपने भाषण में उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए मुगल साम्राज्य का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम जगत पीछे क्यों रह गया? उसकी वजह है। मुगल साम्राज्य कभी शिखर पर था लेकर उसका पतन हो गया क्योंकि वंशवादी उत्तराधिकारियों में नेतृत्व क्षमता नहीं थी।’’ खान ने कहा, ‘‘ भारत, मुगल साम्राज्य के दौरान दुनिया में महा ताकत था। उन डेढ़ सौ सालों में भारत की जीडीपी दुनिया की जीडीपी से 25 फीसद अधिक थी। लेकिन जल्द ही वह लुढ़क गया क्योंकि औरंगजेब के बाद मुगल साम्राज्य के उत्तराधिकारी उतने काबिल नहीं थे।’’
इमरान खान को विरासत में आर्थिक एवं वित्तीय संकट मिला है। उन्होंने चीन और सऊदी अरब से बहुत ऋण लिया है। इमरान खान की सरकार के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान ने अगस्त, 2018 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से राहत पैकेज मांगा था। उसके पास फिलहाल आठ अरब डालर से भी कम का आरक्षी कोष है जो 1.7 फीसद से भी कम महीने के निर्यात से निपटने के लायक है। खान ने अपने दो राजनीतिक विरोधियों शरीफ और जरदारी पर खूब निशाना साधा।


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