बर्लिन : जर्मनी की एक अदालत ने भारत की खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ के लिये सिख तथा कश्मीरी समुदाय की जासूसी करने वाले भारतीय दंपत्ति को बृहस्पतिवार को सजा सुनायी। दंपत्ति की पहचान मनमोहन एस और उसकी पत्नी कंवलजीत के रूप में हुई है। उन्होंने पिछले महीने शुरू हुई मामले की सुनवाई के दौरान खुफिया एजेंसियों को सूचना पहुंचाने की बात स्वीकार की।
मनमोहन को 18 महीने के कारावास जबकि कंवलजीत को 180 दिन के वेतन का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। अदालत के बयान के अनुसार ‘रॉ’ ने मनमोहन को 2015 की शुरुआत में भर्ती किया था और कश्मीरी समुदाय की जासूसी करने के लिये कहा था। बयान में कहा गया है, आरोपियों ने कोलोन और फ्रैंकफर्ट में गुरूद्वारों के आंतरिक मामलों की सूचना पहुंचाने के साथ-साथ सिख समुदायों के प्रदर्शनों की भी जानकारी दी।


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