भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को इस आवश्यकता को पुन: रेखांकित किया कि पाकिस्तान को अपने देश में मौजूद आतंकवादी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ अर्थपूर्ण, ठोस और पुष्टि की जा सकने योग्य कार्रवाई करनी चाहिए। दोनों देशों ने शुक्रवार को यहां ‘यूएस इंडिया काउंटरटेरेरिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप एंड डेजिग्नेशंस डायलॉग’ के दौरान आतंकवादी संगठनों से पैदा होने वाले खतरों पर बात की।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के आतंकवादी विरोधी समन्वयक राजदूत नाथन सेल्स और भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव महावीर सांघवी ने किया। एक संयुक्त बयान के अनुसार, ”दोनों देशों ने इस बात की आवश्यकता को रेखांकित किया कि पाकिस्तान को आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अर्थपूर्ण, ठोस और पुष्टि की जा सकने योग्य कार्रवाई करनी चाहिए।”
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बयान में बताया गया कि दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों के इस अहम तत्व पर निकटता से समन्वय जारी रखने का संकल्प लिया। संयुक्त बयान में कहा गया कि सेल्स ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार और भारतीयों को अमेरिका के समर्थन पर जोर दिया। अमेरिका ने कहा कि वह आतंकवाद का वित्तपोषण रोकने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में भारत का स्वागत करता है।


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