जिनेवा, 21 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी यूएस-ईरान पीस डील को लेकर हो रही बातचीत का हिस्सा हैं। ग्रोसी ने स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस के साथ मुलाकात कर ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा पर चर्चा की है।
राफेल ग्रोसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए बताया कि स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में हुई इस बैठक के दौरान ईरान से संबंधित ताजा स्थिति, आगे की संभावित राह और आईएईए की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कूटनीति को सफल होने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।
बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में आईएईए के गवर्नर्स बोर्ड ने अमेरिका समर्थित एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें ईरान से अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने और एजेंसी के निरीक्षकों को सत्यापन के लिए आवश्यक पहुंच देने की मांग की गई थी।
आईएईए के अनुमान के अनुसार, जून 2025 में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर पहली सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के समय ईरान के पास लगभग 440 किलोग्राम (970 पाउंड) 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद था। यह स्तर हथियार-ग्रेड संवर्धन के काफी करीब माना जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ी थीं।
हालांकि, ईरान लगातार यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा नहीं रखता। दूसरी ओर, आईएईए और पश्चिमी देश पारदर्शिता तथा निरीक्षण प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। रविवार को भी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दोहराया कि उनका देश धार्मिक वजहों से विध्वंसकारी हथियारों का उपयोग नहीं करेगा।
जिनेवा पहुंचने के बाद ग्रोसी ने काउंसिल चैंबर में प्रदर्शित स्पेनिश कलाकार जोसे मारिया सर्ट की भित्तिचित्रों का वर्णन किया। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि इनमें दर्शाए गए विषय युद्ध और शांति, विभाजन और सहयोग, विनाश और पुनर्निर्माण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने दशकों पहले थे।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते संघर्षों और तनावों के बीच शांति और बहुपक्षवाद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संवाद ही वैश्विक चुनौतियों का स्थायी समाधान प्रदान कर सकते हैं। राजनयिक ने यह भी कहा कि जिस प्रकार काउंसिल चैंबर का वर्तमान में पुनरुद्धार और संरक्षण कार्य चल रहा है, उसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और शांति व्यवस्था को भी निरंतर देखभाल, संरक्षण और नवीनीकरण की आवश्यकता होती है।
–आईएएनएस
केआर/
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