ईरान में हिजाब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला 22 वर्षीय लड़की महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद शुरू हुआ। पुलिस ने अमिनी को सही तरीके से हिजाब ना पहनने को लेकर गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत के दौरान शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया था। जिस कारण उनकी मृत्यु हो गयी। हालांकि पुलिस ने इस आरोप को खारिज किया है।
सरकार की बड़ी कार्रवाई
इस घटना के विरोध में हजारों की तादाद में महिलाएं सड़क पर हिजाब उतारकर प्रदर्शन कर रहीं है। कई बार तो हालात सुरक्षा बल के हाथ से भी निकल गए। जिसकी वजह से उन्हें आंसू गैस के गोले और फायरिंग का सहारा भी लेना पड़ा। हालांकि ईरान सरकार ने कार्रवाई करते हुए नैतिक पुलिस चीफ को पद से हटा दिया। इस कुप्रथा को रोकने का अमेरिका ने भी समर्थन भी किया। व्हाइट हाउस नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता ने कहा ईरान में महिलाओं के पास बिना किसी हिंसा के अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार होना चाहिए।


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