अम्मान : प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी अपनी चार देशों की यात्रा के पहले पड़व जॉर्डन की राजधानी अम्मान पहुंचे और उन्होंने शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से द्विपक्षीय भेंट की। श्री मोदी के अम्मान पहुंचने पर हवाई अड्डे पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री हनी फॉत्री अल-मुल्की ने गर्मजोशी से उनकी अगवानी की। उन्हें जॉर्डन की सेना की एक टुकड़ ने सलामी पेश की। बाद में प्रधानमंत्री ने जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से भी मुलाकात की।
Prime Minister Narendra Modi's arrival in Jordan's Amman. pic.twitter.com/mw1zkfvqyb
— ANI (@ANI) February 9, 2018
श्री मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘हम अम्मान पहुंच गए हैं। मैं महामहिम शाह अब्दुल्ला द्वितीय का अम्मान हवाई अड्डे के उपयोग की इजाजत देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह भारतीय प्रधानमंत्री की 30 साल में पहली जॉर्डन यात्रा है। भारत एवं जॉर्डन के बीच 1950 से मैत्रीपूर्ण राजनयिक संबंध हैं। श्री मोदी खाड़ देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने के लिए जॉर्डन, फिलीस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान की यात्रा पर नई दिल्ली से आज दोपहर बाद रवाना हुए थे। जॉर्डन की यात्रा बहुत कम समय के लिए है और यह एक पारगमन यात्रा मात्र है जिसके बीच जॉर्डन के नेतृत्व से भी उनकी मुलाकात हुई।
Jordan: Prime Minister Narendra Modi meets King of Jordan, Abdullah II bin Al-Hussein in Amman. pic.twitter.com/3ysmQMC9RR
— ANI (@ANI) February 9, 2018
प्रधानमंत्री की रवानगी पर प्रवक्ता ने नयी दिल्ली में कहा था कि खाड़ एवं पश्चिम एशिया के देशों के साथ हमारे बहुआयामी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने एवं अपने इस विस्तारित पड़स के साथ समुद्री सहयोग को पुनर्परिभाषित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री मोदी 9-12 फरवरी के तक की जॉर्डन, फिलीस्तीन, यूएई और ओमान की यात्रा पर रवाना हो गए। प्रवक्ता के अनुसार श्री मोदी की इन देशों की यात्रा के दौरान आधिकारिक बैठकों में आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में सहयोग का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठेगा। श्री मोदी ने अपने रवानगी पूर्व बयान में कहा कि खाड़ एवं पश्चिम एशिया हमारे विदेश संबंधों में प्रमुख प्राथमिकता वाले देश है। इन देशों के साथ हमारे बहुआयामी एवं जीवंत संबंध हैं। प्रधानमंत्री ने जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय के प्रति उनकी फिलीस्तीन यात्रा के लिए अम्मान के हवाई अड्डे के प्रयोग की सुविधा देने के लिए आभार जताया। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार श्री मोदी जॉर्डन, फिलीस्तीन और ओमान के दौरे पर पहली बार जा रहे हैं जबकि यूएई का उनका यह दूसरा दौरा होगा। श्री मोदी इस दौरान इन देशों में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ ही यहां के नेताओं के साथ आपसी हित के मामलों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री दुबई में आयोजित होने वाले छठे‘वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट’को संबोधित करेंगे, जिसमें भारत को‘गेस्ट ऑफ ऑनर’का दर्जा दिया गया है। वह अमीरात और ओमान में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे। श्री मोदी मस्कट में प्रवासी भारतीय समुदाय के आग्रह पर वहां स्थित दो सौ साल पुराने शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजन के लिए जाएँगे जबकि दुबई में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में यूएई के शासकों द्वारा दी गई त्रमीन पर पर भव्य मंदिर का शिलान्यास वीडियो लिंक के माध्यम से करेंगे। यह त्रमीन दुबई और आबूधाबी के बीच स्थित है। प्रवक्ता के अनुसार श्री मोदी की इस यात्रा को विस्तारित पड़स के देशों के साथ संबंधों को मत्रबूत बनाने की कोशिशों के क्रम में देखा जाना चाहिए। हाल ही में 10 आसियान देशों के शासनाध्यक्षों को भारत-आसियान मैत्री रजत जयंती शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करना और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी शिरकत के बाद अब श्री मोदी पश्चिम एशिया के इन देशों के साथ संबंधों में नई ऊर्जा भरने के लिये जा रहे हैं।
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