सोल : अपनी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया के उत्तर कोरिया के खिलाफ किये गये गोलाबारी अभ्यास की आज निंदा करते हुए उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर प्रायद्वीप को परमाणु ‘युद्ध की ओर धकेलने’ का आरोप लगाया। पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण के बाद प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने यह इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
उत्तर कोरिया के इस परीक्षण ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी थीं , क्योंकि इससे उत्तर कोरिया अब अलास्का तक पहुंचने में सक्षम आईसीबीएम का स्वामी बन गया है जो इस देश के लिये एक बड़ी उपलब्धि है। कल का अभ्यास उत्तर कोरिया की ओर से संभावित मिसाइल प्रक्षेपणों का ‘कड़ा जवाब’ देने के मकसद से डिजाइन किया गया था। अभ्यास में अमेरिका के दो बमवर्षक विमानों को ‘दुश्मन’ की मिसाइल बैटरियों को तबाह करते और भूमिगत कमान चौकियों के खिलाफ दक्षिण कोरिया के जेट विमानों का स्पष्ट हमला दिखा।
उत्तर कोरिया के सरकारी रोडोंग समाचार पत्र ने ‘बारूद की ढेर पर आग से मत खेलो’ शीर्षक वाले संपादकीय में आरोप लगाया कि इस अभ्यास से अमेरिका और दक्षिण कोरिया तनाव को और अधिक बढ़ा रहे हैं। कोरियाई प्रायद्वीप को दुनिया का सबसे खतरनाक विस्फोटक स्थान बताते हुए इसमें लिखा गया, ”एक छोटी से गलती अथवा गलत अनुमान से तत्काल एक परमाणु युद्द शुरू हो सकता है जो दुनिया को एक और विश्वयुद्ध की ओर धकेल सकता है।”


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