नेपाल के पत्रकारों के समूह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से की मुलाकात

Summary :

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल और भारत की सीमा पर इन दिनों हलचल बढ़ी हुई है। बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नेपाल में भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी को लेकर जो नए नियम लागू किए हैं, उससे लोगों में काफी नाराजगी है। नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी, “नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने…

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल और भारत की सीमा पर इन दिनों हलचल बढ़ी हुई है। बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नेपाल में भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी को लेकर जो नए नियम लागू किए हैं, उससे लोगों में काफी नाराजगी है। नेपाल में बालेंद्र शाह सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी, “नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से बातचीत की। विदेश सचिव ने समूह को भारत और नेपाल के बीच कई तरह की साझेदारी में हुई बड़ी तरक्की और भविष्य के लिए इसके अच्छे नजरिए के बारे में बताया।”

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के इस नए फैसले के बाद से सीमावर्ती इलाके में रह रहे लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। बीते दिन कुछ तस्वीरें सामने आई, जिसमें नेपाल-भारत की सीमा पर लोगों के सामान की जांच की जा रही थी।

वहीं इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान भी सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसावल ने कहा, “हमें नेपाल के अधिकारियों की तरफ से एक मौजूदा नियम को लागू किए जाने की रिपोर्ट की जानकारी मिली है। इसके तहत सीमा पार करने वाले यात्रियों से कस्टम ड्यूटी ली जाती है, यदि वे भारत में खरीदे गए 100 नेपाली रुपया से अधिक मूल्य का सामान अपने साथ ले जा रहे हों। हम समझते हैं कि नेपाल की सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है।”

इसके साथ ही विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि हमने नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी का बयान देखा है, निजी इस्तेमाल के लिए घरेलू सामान ले जा रहे लोगों को नहीं रोका जाएगा।

बालेंद्र शाह सरकार के इस फैसले से जनता में भयंकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। द संडे गार्डियन के अनुसार, यह विवाद केवल एक फैसले को लेकर नहीं हो रहा है, बल्कि आर्थिक फैसलों, गवर्नेस की चिंताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने लोगों की नाराजगी को हवा दी है।

खासतौर से अगर कस्टम ड्यूटी की बात करें तो नेपाल के सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की राशन, घर का सामान, दवाई और कपड़ों समेत कई मूलभूत सामग्रियों के लिए निर्भरता भारतीय बाजार पर है। ऐसे में इस कस्टम ड्यूटी ने उनकी जेब पर बुरा असर डाला है।

–आईएएनएस

केके/एएस

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