भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में रिमांड की नियमित सुनवाई के लिए वीडियो लिंक के जरिए गुरुवार को पेश होगा। करीब दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी एवं धन शोधन के आरोप में नीरव मोदी को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के मामले के संबंध में यह सुनवाई चल रही है।
उसे मई 2020 में प्रत्यर्पण मामले की पूर्ण सुनवाई होने तक न्यायिक हिरासत में रहना है और मुकदमे में अगले साल फरवरी में केस मैनेजमेंट सुनवाई शुरू किए जाने तक उसे “पेशी के लिए बुलाए जाने’’ पर नियमित रूप से आना होगा। सितंबर में लंदन में मजिस्ट्रेट अदालत में हुई पिछली कॉल-ओवर सुनवाई में न्यायाधीश डेविड रॉबिनसन ने मोदी से कहा था कि इसमें कुछ भी “ठोस” नहीं है जिसे सुना जाए।
शशि थरूर ने अंतर ससंसदीय संघ की बैठक में पाकिस्तान को दिखाया आईना
अदालत 11 से 15 मई 2020 तक चलने वाली प्रत्यर्पण मुकदमे की सुनवाई पर काम कर रही है। इस संक्षिप्त सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों का एक दल मौजूद था। ब्रिटेन के कानून के तहत प्रत्यर्पण मुकदमा लंबित रहने तक हर 28 दिन में ऐसी सुनवाई करना जरूरी है। नीरव मोदी मार्च में अपनी गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।


Download Android App
Download iOS App



