अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को लगभग तीन महीने से अधिक का समय हो गया है। ऐसे में वहां की आवाम को अब तालिबान शासन के राज में रहना पड़ेगा। तो वहीं, दूसरी तरफ, पाकिस्तान अपनी दखलअंदाजी लगातार बढ़ा रहा है और अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को हर मदद मुहैया कराने की पुरजोर कोशिश कर रहा है।
तालिबान को पेशेवर प्रशिक्षण देगा पाकिस्तान
अफगानिस्तान के विमानन कर्मचारियों को पाकिस्तान सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, अग्निशमन, वायु पूवार्नुमान और हवाईअड्डा प्रबंधन के क्षेत्रों में पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान करेगा। सूत्रों ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अफगान दूतावास के एक बयान में कहा गया है कि इस संबंध में द्विपक्षीय समझौता अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की देश में यात्रा के दौरान हुआ था।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इस पर हुए सहमत
वहीं, काबुल और इस्लामाबाद भी दोनों राजधानियों के बीच हर हफ्ते दस उड़ानें संचालित करने पर सहमत हुए, उनमें से दो बड़े विमानों द्वारा और बाकी छोटे विमानों द्वारा की जाएगी। बयान में कहा गया है, सीटों की संख्या 1,000 से बढ़ाकर 1,500 की जाएगी और विमान पाकिस्तान के किसी भी हवाई अड्डे से काबुल, मजार-ए-शरीफऔर कंधार के लिए उड़ान भर सकेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, इस बीच, अफगानिस्तान के विमानों को भी इस्लामाबाद, क्वेटा और पेशावर के हवाई अड्डों के लिए उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा का उद्देश्य न केवल ट्रोइका प्लस में भाग लेना था, बल्कि व्यापार, पारगमन और पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बिंदुओं को पार करने की कठिनाइयों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करना था।


Download Android App
Download iOS App



