पाकिस्तान राष्ट्रपति ने नये सरकार गठन के लिए शपथ दिलाने से खुद को किया अलग

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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सोमवार को नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद की शपथ दिलाने से खुद को अलग कर लिया जिसके चलते शपथ कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सोमवार को नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद की शपथ दिलाने से खुद को अलग कर लिया जिसके चलते शपथ कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। यह जानकारी मीडिया में आयी खबर से मिली।
सीनेट अध्यक्ष सादिक संजारानी दिला सकते हैं शपथ 
‘जियो न्यूज’ ने राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के हवाले से बताया कि अब सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजारानी द्वारा एक कार्यक्रम में संघीय मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार यह कार्यक्रम मंगलवार या बुधवार को होने की संभावना है।
राष्ट्रपति अल्वी ने शपथ दिलाने से किया इंकार – पाक समाचार चैनल 
समाचार चैनल ने अपनी खबर में बताया कि संघीय मंत्रिमंडल को आज रात साढ़े आठ बजे (स्थानीय समयानुसार) शपथ लेनी थी लेकिन जब प्रधानमंत्री कार्यालय ने राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क किया तो अल्वी ने शपथ दिलाने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान की संसद ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शरीफ को इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने के बाद नए प्रधानमंत्री के रूप में चुना था। हालांकि तब नए मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका क्योंकि शरीफ सभी गठबंधन सहयोगियों को सरकार में समायोजित करना चाहते थे।
मरियम औरंगजेब बन सकती हैं सूचना मंत्री 
पीएमएल-एन नेता मरियम औरंगजेब के सूचना मंत्री बनने की उम्मीद है। उन्होंने रविवार को ‘डान’ अखबार से कहा था, “संघीय मंत्रिमंडल के सदस्य कल (सोमवार को) शपथ ले रहे हैं।व
PML -N को 14 व PPP को 11 मंत्रालय मिलने की संभावना 
मरियम ने कहा था कि पीएमएल-एन को 14 मंत्रालय मिलेंगे और उसके बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 11 मंत्रालय मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि जेयूआई-एफ और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) सहित सभी सहयोगी दलों को कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री शरीफ ने रविवार को सत्तारूढ़ गठबंधन दलों से परामर्श किया और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की।
मंत्रिमंडल में सभी दलों को किया जा सकता हैं शामिल 
दूसरी ओर, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने सत्तारूढ़ गठबंधन में “गारंटर” होने के नाते मंत्रालयों के वितरण पर गठबंधन दलों के साथ अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का संकल्प जताया। मरियम ने कहा कि मंत्रिमंडल गठन को लेकर गठबंधन की संयुक्त समिति की रविवार को मैराथन बैठक हुई, जिसमें विभागों और प्रमुख पदों के बंटवारे को लेकर पार्टियों की शिकायतों का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि पीएमएल-एन को रक्षा, वित्त, गृह, कानून और न्याय, रेलवे, सूचना, ऊर्जा, योजना, संचार आदि मंत्रालय मिलेंगे। इससे पहले, पीएमएल-एन नेता राणा सनाउल्लाह ने कहा कि सरकार में सभी सहयोगी दलों की एक संयुक्त समिति ने नए मंत्रिमंडल के गठन को अंतिम रूप दिया है जिसमें लगभग सभी दलों को शामिल किया गया है।
बिलावल भुट्टो बन सकते हैं विदेश मंत्री 
‘जियो न्यूज’ की खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि विदेश मामलों का मंत्रालय पीपीपी को सौंपे जाने की संभावना है और पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी मंत्रालय की कमान संभालने को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
समाचार चैनल ने उनके हवाले से कहा, “मैं यह सुनिश्चित नहीं कर सकता कि बिलावल भुट्टो मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे या नहीं।’’
 

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