PAK की एक जेल में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की हत्या के मामले में जेल अधीक्षक ने आज न्यायाधीश के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराया। लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद दो पाकिस्तानी कैदियों- आमिर सरफराज उर्फ ताम्बा और मुदस्सर ने मई, 2013 में सरबजीत (49) पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी।
जेल के एक अधिकारी ने बताया, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमीन हैदर ने सरबजीत सिंह की हत्या के मामले में आज कोट लखपत जेल के अधीक्षक का बयान रिकॉर्ड किया। अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई के लिए दो गवाहों को सम्मन किया गया है।
उन्होंने कहा कि कई महीनों के बाद इस मामले में अदालत की कार्यवाही बहाल की गई है। लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश मजहर अली अकबर नकवी की अध्यक्षता वाले न्यायिक आयोग ने सरबजीत सिंह की हत्या के मामले की जांच की थी और इसके बाद लाहौर की सत्र अदालत में सुनवाई आरंभ हुई।
नकवी ने सरबजीत की हत्या के मामले में करीब 40 गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए थे और सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। यह रिपोर्ट अब भी सार्वजनिक नहीं हुई है।
आयोग के एक सदस्य ने सरबजीत के रिश्तेदारों का बयान रिकॉर्ड करने के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए नोटिस जारी किया था। सरबजीत के परिवार ने अपना बयान रिकॉर्ड नहीं कराया।
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