पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जो पाकिस्तान के दोहरे चेहरे का पर्दाफाश करता है। बलूचिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मामा कादिर बलोच का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने ईरान से जाधव का अपहरण करवाया था, इसके लिए जैश-उल-अदल के आंतकी मुल्ला उमर को करोड़ों रुपए दिए गए थे।
मीडिया से बात करते हुए बलोच ने पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इस बात में कोई दम नहीं है कि उसने जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया है। कादिर बलोच ‘वॉइस ऑफ मिसिंग बलोच’ नामक संस्था के वाइस प्रेसिडेंट हैं। उनका कहना है कि पूरे बलूचिस्तान में उनकी संस्था के लोग काम करते हैं। वह जानते हैं कि ईरान के चाबहार से जाधव को किडनैप कराया गया था।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आईएसआई ने आतंकी मुल्ला उमर को ढेर सारा पैसा फभी दिया था। उन्होंने कहा कि जाधव के हाथ-पैर बांधकर ईरान-बलूचिस्तान बॉर्डर पर लाया गया, जहां से आईएसआई ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। बलोच ने कहा कि जाधव तो कभी बलूचिस्तान आए ही नहीं थे।
बलोच बोले कि आईएसआई का इस तरह लोगों को किडनैप करना पुराना हथकंडा है, उनके बेटों को भी इसी तरह किडनैप किया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे कई गवाह हैं जो यह साबित कर सकते हैं कि पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई लोगों के अपहरण के लिए आतंकी संगठनों का इस्तेमाल करती हैं। मेरे बेटे को आईएसआई ने 2009 में किडनैप किया था। तीन साल बाद हमें उसकी डेडबॉडी मिली थी।
आपको बता दें कि 25 दिसंबर को कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी ने इस्लामाबाद में मुलाकात की थी। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय में हुई इस बातचीत में एक शीशे की दीवार के आर-पार मां-बेटे की मुलाकात हुई थी।
मां-पत्नी संग किया था बुरा बर्ताव
इस मुलाकात में पाकिस्तान की ओर से कुलभूषण की मां और पत्नी के साथ बुरा व्यवहार किया गया था। मीटिंग से पहले उनके कपड़े बदलवाए गए, मंगलसूत्र, चूड़ियां उतरवाई गईं। इसके अलावा उनके जूते भी वहां पर जब्त करवा लिए गए। पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि उनके जूतों में कोई चिप लगी हुई है जिसकी जांच चल रही है।
सुषमा ने राज्यसभा में पाकिस्तान को लगाई थी फटकार
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में बयान दिया था। उन्होंने पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा था कि ये खेद का विषय है कि मुलाकात में इस तरह का व्यवहार किया। सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात को प्रोपेगेंडा बनाया। जाधव की मां सिर्फ साड़ी पहनती हैं, उनके भी कपड़े भी बदलवा दिए गए। मीडिया को मां और पत्नी के नजदीक आने दिया गया, जो हमारी शर्तों के खिलाफ था।
मुलाकात से लौटने के बाद मां-पत्नी ने बताया कि कुलभूषण दबाव में हैं। उनके कैद करने वालों ने जो उन्हें बोलने के लिए कहा था जाधव सिर्फ वही बोल रहे थे। पाकिस्तान जाधव की मां-पत्नी के जूतों के साथ कुछ शरारत कर सकता है। इस मीटिंग में सिर्फ मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन ही हुआ है।
पाक ने लगाए संगीन आरोप
पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय नौसेना के कमांडर जाधव भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनलिसिस विंग(रॉ) के लिए काम कर रहे थे। इस्लामाबाद का कहना है कि तीन मार्च 2016 को बलूचिस्तान में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनको अवैध रूप से पाकिस्तान में पकड़ लिया गया था। हालांकि भारत का कहना है कि जाधव एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और वो रॉ के लिए काम नहीं कर रहे थे।
बता दें कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद संबंधी आरोपों को लेकर अप्रैल में 47 साल के जाधव को मौत की सजा सुनायी थी जिसके बाद मई में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रूख किया था। भारत की याचिका पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुनाए जाने तक सजा की तामील पर रोक लगा दी है।
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