वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़े पुतिन, बाइडन बोले- UNHRC से रूस का निलंबन ‘अहम और सार्थक’ कदम

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो का अधिकार रखने वाले सदस्य देश रूस को संगठन की प्रमुख मानवाधिकार संस्था से निलंबित करने के फैसले की प्रशंसा की।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो का अधिकार रखने वाले सदस्य देश रूस को संगठन की प्रमुख मानवाधिकार संस्था से निलंबित करने के फैसले की प्रशंसा की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के इस ‘‘सार्थक कदम’’ ने यह दिखाया है कि कैसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध ने उनके देश को ‘‘अंतरराष्ट्रीय रूप से अलग-थलग’’ कर दिया है। गौरतलब है कि 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से निलंबित करने का अमेरिका का प्रस्ताव गुरुवार को पारित कर दिया। उस पर इन आरोपों के तहत यह कार्रवाई की गयी कि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव के समीप शहरों से पीछे हटते वक्त नागरिकों की हत्या की।
भारत सहित 58 देशों ने वोटिंग से बनाई दूरी 
‘मानवाधिकार परिषद में रूसी संघ की सदस्यता के निलंबन अधिकार’ शीर्षक वाले प्रस्ताव के पक्ष में 93 मत पड़े, जबकि भारत सहित 58 देश अनुपस्थित रहे। यूएनएचआरसी से रूस के निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, ‘‘यह प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सार्थक कदम है कि कैसे पुतिन के युद्ध ने रूस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया है।’’ बाइडन ने कहा कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को पारित कराने के वास्ते दुनियाभर में अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ निकटता से काम किया क्योंकि रूस मानवाधिकारों का घोर और व्यवस्थित ढंग से उल्लंघन कर रहा है।
रूसी सेना युद्ध अपराध को दे रही अंजाम :बाइडन 
उन्होंने कहा, ‘‘रूसी सेना युद्ध अपराध कर रही है। रूस का मानवाधिकार परिषद में कोई स्थान नहीं है।ऐतिहासिक मतदान के बाद रूस परिषद के कामकाज में भाग नहीं ले पाएगा तथा वहां अपना दुष्प्रचार नहीं कर पाएगा क्योंकि परिषद का जांच आयोग यूक्रेन में रूस द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघनों और दुरुपयोग की जांच कर रहा है।’’ बता दें कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के किसी स्थायी सदस्य की सदस्यता विश्व निकाय की किसी भी संस्था से निलंबित नहीं की गयी है। यूक्रेन के बुचा और अन्य इलाकों से आ रही तस्वीरों को भयावह बताते हुए बाइडन ने कहा कि लोगों से दुष्कर्म, प्रताड़ित, हत्या किए जाने के संकेत हमारी साझा मानवता का अपमान है।
बाइडन ने की रूस के ‘बर्बर आक्रमण’ की निंदा
उन्होंने कहा, ‘‘यूक्रेन में जो हो रहा है उसके पुख्ता सबूत के लिए रूस के झूठ का कोई मुकाबला नहीं है। इसलिए हर क्षेत्र में देश रूस के यूक्रेन के खिलाफ बिना उकसावे के और बर्बर आक्रमण की निंदा कर रहे हैं और यूक्रेन के बहादुर लोगों का उनकी आजादी की लड़ाई में समर्थन कर रहे हैं।’’ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूएनएचआरसी से रूस के निलंबन पर कहा कि एक गलत देश को सबक सिखाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज गलत को सबक सिखाया गया है। दुनिया स्पष्ट संकेत दे रही है कि रूस को यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध तत्काल और बिना शर्त के रोकना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में दिए सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए।’’
यूक्रेन के पीड़ितों की परेशानियों को नहीं किया जाएगा नजरअंदाज 
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस के निलंबन को महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के देशों ने रूस को मानवाधिकारों के घोर और व्यवस्थित उल्लंघनों के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से निलंबित करने के पक्ष में मत दिया। हमने सामूहिक रूप से सख्त संदेश दिया है कि पीड़ितों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।’’

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