म्यांमार का 2017 का मिस ग्रांड का खिताब जीतने वाली श्वे इएन सी ने फेसबुक पर रोहिंग्याओं से जुड़ी एक पोस्ट डाल दी थी। वह पोस्ट उन्हें काफी भारी पड़ गई है। बता दें कि श्वे इएन सी 19 साल की हैं। पिछले कुछ दिन पहले श्वे ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट कर दिया था ।
उस वीडियो में श्वे ने रखाइन में फैलीव हिंसा और आंतक को इस सबका जिम्मेदार ठहराया था और रोहिंग्या मुस्लिमों को भी जिम्मेदार बोला था। यही वजह से ब्यूटी कॉन्टेस्ट के ऑर्गनाइजर्स ने श्वे का खिताब उनसे वापस ले लिया है।
कंपनी ने इसके बारे में क्या कहा है
बता दें कि इस वीडियो में श्वे ने यह दिखाया था कि अराकन रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी ने अपने आपको मीडिया के सामने बेचारा दिखाया है और म्यांमार की दुनिया के सामने एक गलत छवि पेश की हैै। वीडियो में ऐसा करने पर रोहिंग्या आर्मी पर आरोप लगाया है।
यही वजह से ब्यूटी कॉन्टेस्ट के ऑर्गनाइजर्स हैलो मैडम मीडिया ग्रुप ने श्वे से रविवार को मिस म्यांमार का ताज वापस लेने के बारे में बता दिया था। कंपनी ने ऐसा कहा कि श्वे का व्यवहार बिल्कुल ही गलत था और वह एक रोल-मॉडल की तरह व्यवहार नहीं कर रही थीं।
कंपनी ने अपनी बयान में ऐसा बोला है कि श्वे केखिताब को वापस लेने पर उनका यह वीडियो नहीं है।
इस वजह से शुरू हुआ था ताजा तनाव
25 अगस्त को रखाइन में ताजा तनाव शुरू हुआ था और फिर उसके बाद रोहिंग्या ने कथित तौर पर पुलिस की एक पोस्ट पर हमला किया फिर उसके बाद से ही सैन्य कार्रवाई शुरू हो गर्ई। इस कार्रवाई के बाद रोहिंग्या मुसलमानों ने देश छोडऩा शुरू कर दिया और बांग्लादेश और दूसरे देशों में जाना शुरू कर दिया।
जो लोग पलायन कर रहे हैं उन्होंने इसकी बड़ी वजह सेना की यह कार्रवार्ई और रखाइन के बौद्धों का उनके गांवों पर हमले को बताया है। इसी डर की वजह से वह अपना गांव छोडऩे पर मजबूर हो गए। सेना बोल रही है कि रोहिंग्या मुस्लिम उन पर हमले कर रहे हैं और वह उस हमलों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।


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