ईसाई पादरी वांग यी को जल्द रिहा करे चीन : अमेरिका

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वक्तव्य के मुताबिक पादरी वांग यी को चेंगडु के चर्च पर कार्रवाई के तहत नौ दिसंबर 2018 को उनके समूह के अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

अमेरिका ने चीन से जेल में बंद ईसाई पादरी वांग यी को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागुस ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर यह बात कही। ईसाई पादरी वांग यी को चीन में धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन एवं उसकी वकालत करने के मामले में नौ वर्ष कारावास की सजा सुनाई गयी है। 
सुश्री ओर्टागुस ने कहा, ‘‘हमें यह जानकर हैरानी हुई है कि चेंगडु में अर्ली रेन कनवेंट चर्च के पादरी वांग यी को चीन में धार्मिक स्वतंत्रता का शांतिपूर्ण रूप से समर्थन करने के मामले में गुप्त रूप से उन पर मुकदमा चलाकर उन्हें नौ वर्ष कारावास की सजा सुनाई गयी है। हम उनकी बिना किसी शर्त के जल्द से जल्द रिहाई की मांग करते हैं।’’ वक्तव्य के मुताबिक पादरी वांग यी को चेंगडु के चर्च पर कार्रवाई के तहत नौ दिसंबर 2018 को उनके समूह के अन्य सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया था। 
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह बीजिंग की चीनी इसाईयों और अन्य धार्मिक समूहों के लोगों के प्रति दमनकारी नीति का एक उदाहरण है।’’ अमेरिका ने चीन से संविधान के तहत सभी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह किया। 

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नए साल पर जम्मू-कश्मीर में आधी रात से SMS सुविधा बहाल, इंटरनेट भी शुरू

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सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भी ब्राडबैंड सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। मोबाइल सेवा बहाल करने के इस कदम का कश्मीर में स्वागत किया गया है।

2020 के इस मोके पर कश्मीर को मिला तोहफा मंगलवाल की रात सभी इलाकों में एसएमएस सुविधा बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में इंटरनेट सेवा को शुरू कर दिया गया है। 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से घाटी में लैंडलाइन, इंटरनेट और शॉर्ट मैसेज सर्विस (एसएमएस) सुविधा बंद कर दी गई थी. बीते कुछ दिनों चरणवार लैंडलाइन सर्विस को शुरू किया गया था।
जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि मंगलवार आधी रात से सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भी ब्राडबैंड सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। मोबाइल सेवा बहाल करने के इस कदम का कश्मीर में स्वागत किया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार को जनता के लिए ब्राडबैंड इंटरनेट सेवाओं को भी अब बहाल करना चाहिए।
अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई थी. अब इस पाबंदी में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। पहले लैंडलाइन बहाल की गई और फिर पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाओं को शुरू किया गया। इसके बाद जम्मू में ब्राडबैंड इंटनेट को बहाल किया गया, जबकि कश्मीर में इस पर अब भी रोक है।

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