श्रीलंका: पेट्रोलियम कंपनी का अलर्ट- ‘कच्चा तेल संकट जटिल, पावर जेनरेशन पर पड़ेगा असर’

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कोलंबो, 23 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए श्रीलंका ने पहले से ही कुछ जरूरी उपाय अपना लिए। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हफ्ते के मध्य में छुट्टी की घोषणा की। अब लोगों को डर है कि इसकी अगली कड़ी कहीं बिजली पर पाबंदी न हो। हालांकि अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार ने भरोसा दिलाया कि ऐसा जल्द नहीं होगा। इन आशंकाओं और भरोसे के बीच ही प्रमुख पेट्रोलियन कंपनी यानी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) ने कुछ ऐसा कह दिया है जो श्रीलंका की जनता को बेचैन कर सकता है। श्रीलंकाई मीडिया आउटलेट डेली मिरर के अनुसार, सीपीसी चेयरमैन…

कोलंबो, 23 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए श्रीलंका ने पहले से ही कुछ जरूरी उपाय अपना लिए। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हफ्ते के मध्य में छुट्टी की घोषणा की। अब लोगों को डर है कि इसकी अगली कड़ी कहीं बिजली पर पाबंदी न हो। हालांकि अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार ने भरोसा दिलाया कि ऐसा जल्द नहीं होगा। इन आशंकाओं और भरोसे के बीच ही प्रमुख पेट्रोलियन कंपनी यानी सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) ने कुछ ऐसा कह दिया है जो श्रीलंका की जनता को बेचैन कर सकता है।

श्रीलंकाई मीडिया आउटलेट डेली मिरर के अनुसार, सीपीसी चेयरमैन डी.जे. राजकरुणा ने कहा है कि पावर जेनरेशन के लिए फर्नेस ऑयल और नैफ्था बनाने वाली रिफाइनरी को क्रूड ऑयल न मिलने की वजह से अप्रैल के बीच तक बंद करना पड़ेगा।

चेयरमैन ने सरकारी सूचना विभाग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि देश में क्रूड ऑयल का स्टॉक सिर्फ अप्रैल के बीच तक रिफाइनरी चलाने के लिए बचा है और 90,000 टन के दो क्रूड ऑयल शिपमेंट कैंसिल होने के बाद अगला क्रूड ऑयल शिपमेंट 19 और 20 जून को आएगा।

राजकरुणा ने कहा कि फर्नेस ऑयल और नैफ्था, जो पावर जेनरेशन के लिए बहुत जरूरी हैं, रिफाइनरी में बनते हैं और रिफाइनरी बंद होने के बाद, रात में पावर जेनरेशन डीजल से करना होगा।

उन्होंने कहा, “रिफाइनरी का बंद होना पावर जेनरेशन के लिए एक गंभीर मुद्दा होगा।” चेयरमैन ने कहा कि सीपीसी ने इमरजेंसी खरीद के तहत फर्नेस ऑयल शिपमेंट का ऑर्डर दिया है और यह 12 और 13 अप्रैल को पूरा होगा।

उन्होंने कहा कि हालांकि, नैफ्था नहीं खरीदा जा सकता है और नैफ्था की जगह डीजल का इस्तेमाल करना होगा।

उन्होंने कहा, “हमें ज्यादा रेट पर डीजल का इस्तेमाल करके बिजली बनानी होगी। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि वे रात में बिजली का कम इस्तेमाल करें। अगर लोग रात में कम से कम एक बल्ब बंद करके, सड़क किनारे लगे साइनबोर्ड और स्ट्रीट लैंप बंद करके हमारा साथ दें, तो हम इसे और भी मैनेज कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि अगले महीने फ्यूल सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी या पावर कट लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राजकरुणा ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को भी बिना मांगे ऑफर के फ्यूल इंपोर्ट करने की इजाजत दी गई है और ऐसे दो प्रस्ताव पहले ही मिल चुके हैं।

उन्होंने कहा, “अगर कोई फ्यूल आयात करने में रुचि दिखाता है, तो वह ऊर्जा मंत्री के सचिव को एक ईमेल भेज सकता है और उसकी कॉपी सीपीसी को भी भेज सकता है। फिर, कैबिनेट द्वारा बनाई गई कमिटी प्रस्ताव का आकलन करेगी और फैसला लेगी। आयात करने वाले को 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बॉन्ड देना होगा।”

कैबिनेट प्रवक्ता और मंत्री नलिंडा जयतिस्सा ने कहा कि पब्लिक यूटिलिटीज कमीशन ऑफ श्रीलंका (पीयूसीएसएल) 1 अप्रैल तक पावर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा कर सकता है।

–आईएएनएस

केआर/

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