पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने शरीफ परिवार के खिलाफ मामलों की सुनवाई आज टाल दी। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भ्रष्टाचार के तीन मामलों को एक साथ जोड़ने की अपनी याचिका पर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का फैसला आने तक कार्यवाही निलंबित करने का अनुरोध किया था। इसके बाद अदालत ने ऐसा किया।
सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने गत आठ सितंबर को इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में 67 साल के शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने सुनवाई की जिसमें शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज पेश हुए।
उनके दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर भी मौजूद थे। इनमें से एक मामले में शरीफ और उनके बेटों के साथ मरियम और सफदर भी आरोपी हैं। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का फैसला आने तक कार्यवाही निलंबित करने का अनुरोध किया। शरीफ ने तीनों मामलों को एक साथ जोड़ने की मांग की है क्योंकि सभी कथित रूप से आय के ज्ञात स्रोतों से ज्यादा संपथि अर्जित करने से संबंधित है।
एनएबी के वकील सरदार मुजफ्फर ने अनुरोध पर आपथि जताते हुए यह कहते हुए अदालत से सुनवाई जारी रखने की मांग की कि कुछ गवाह पहले ही अपना बयान दर्ज करा चुके हैं।लेकिन न्यायाधीश ने एनएबी की याचिका खारिज करते हुए सुनवाई चार दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी।


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