तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोआन ने कहा है कि उनके देश ने अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों और नागरिकों को निकाल लिया है और उसके केवल कुछ ही लोग वहां बचे हैं। तुर्की के राष्ट्रपति ने प्रत्यक्ष तौर पर अमेरिका की वापसी के तरीके की आलोचना करते हुए यह बात कही। उन्होंने शुक्रवार को बोस्निया के साराजेवो में संवाददाताओं से कहा,‘‘ हमने देश से अपने नागरिकों को निकाल लिया है। वर्तमान में प्रौद्योगिकी से जुड़े कुछ लोग ही वहां पर हैं। इनके अलावा हमने वहां से सभी दलों को वापस बुला लिया है।’’
एर्दोआन ने कहा,‘‘ जो देश कहते हैं कि विश्व में वे सबसे ताकतवर हैं उन्हें उन स्थानों को और एहतियात के साथ छोड़ना चाहिए जहां वे दाखिल हुए थे। इन देशों को आतंकवादी संगठनों के हाथों में छोड़ कर जाने की कीमत काफी भारी होती है।’’
राष्ट्रपति ने जाहिर तौर पर तालिबान और इस्लामिक स्टेट का जिक्र करते हुए कहा,‘‘ अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठनों के बीच संघर्ष था और यह बात सोच से परे है कि तुर्की या किसी अन्य देश को इस संघर्ष से लाभ मिलेगा।’’
इससे पहले उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान से उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) बलों के जाने के बाद हवाई अड्डे के संचालन के लिए तकनीकी सहायता देने के वास्ते तुर्की तालिबान से बात कर रहा है। तुर्की द्वारा हवाई अड्डे का संचालन किए जाने की बात सबसे पहले जून माह में सामने आई थी।


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