1932 के बाद जंतर-मंतर पर बदला नजारा! हटी बैरिकेडिंग, जनता और गाड़ियों के लिए आसान हुई राह

Summary :

दिल्ली के जंतर-मंतर से करीब 33 साल बाद सुरक्षा की कई लेयर वाली बैरिकेडिंग हटाई जा रही है। सड़क को आम लोगों और गाड़ियों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी मैदान को नए प्रदर्शन स्थल बनाया है।

नई दिल्ली: दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से देशभर के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां किसान, कर्मचारी, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन अब जंतर-मंतर की पहचान बदल रही है। दिल्ली पुलिस ने इसे धरना-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की लिस्ट से हटा दिया है। इसके साथ ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है।

पहले जंतर-मंतर पर सुरक्षा के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की जाती थी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाता था। इसके अलावा सुरक्षा के लिए स्पेशल गाड़ियां  भी मौजूद रहती थी। अब यहां से 33 साल बाद बैरिकेडिंग हटाई जा रही है और सुरक्षा बलों की तैनाती भी कम की जा रही है। जंतर-मंतर की सड़क को आम लोगों और गाड़ियों  के लिए खोल दिया गया है। इससे आसपास के इलाके में आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

1993 से आंदोलनों का प्रमुख केंद्र

जंतर-मंतर का इतिहास केवल एक ऐतिहासिक स्थल तक सीमित नहीं है। साल 1993 में इसे प्रमुख धरना स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया था। इसके बाद से देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपनी मांगों को लेकर यहां पहुंचते रहे।किसानों की समस्याओं से लेकर कर्मचारियों के अधिकारों तक, सामाजिक मुद्दों से लेकर राजनीतिक विरोध तक, जंतर-मंतर पर कई तरह के प्रदर्शन हुए। कई बार यहां छोटे समूहों ने अपनी आवाज उठाई, तो कई बार बड़े आंदोलनों के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई। संसद और केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यालयों के नजदीक होने के कारण यह जगह लंबे समय तक विरोध दर्ज कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी रही।

अक्टूबर में जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी प्रदर्शन हुए थे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की थी। इस दौरान प्रदर्शन की अनुमति और जंतर-मंतर तक पहुंचने को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद हुआ। 10 अक्टूबर के आसपास राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे। इसी घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटाने का फैसला लिया।

अब इन 3 जगहों पर होंगे प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की जगह अब प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान तय किए हैं। इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जारी आदेश में गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया। अब संगठनों को इन जगहों पर प्रदर्शन करने के लिए परमिशन  लेनी होगी। जंतर-मंतर पर अब पहले की तरह धरना-प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे।

जंतर-मंतर से बैरिकेडिंग हटने और सुरक्षा बलों की तैनाती कम होने से आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य होने की उम्मीद है। सुरक्षा प्रतिबंधों की वजह से  लंबे समय से इस इलाके में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब प्रदर्शन के लिए नई जगह तय होने से दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करने की व्यवस्था भी बदल गई है। प्रदर्शनकारियों को अपनी मांगें उठाने के लिए इन नए निर्धारित स्थलों पर जाना होगा।

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।