Chawri Bazar : निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरी, दो मजदूरों की मौत और दो घायल

Summary :

Chawri Bazar : पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह शीश महल गली में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय इमारत में मौजूद चार लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली दमकल सेवा और नगर निगम (एमसीडी) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य घायल हैं। घायलों का उपचार जारी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता…

Chawri Bazar : पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह शीश महल गली में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय इमारत में मौजूद चार लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली दमकल सेवा और नगर निगम (एमसीडी) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य घायल हैं। घायलों का उपचार जारी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान किशोरी (40) और संजीत (45) के रूप में हुई है। दोनों मंडावली की रेलवे कॉलोनी के रहने वाले थे। वहीं, घायलों की पहचान मंडावली निवासी सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) के रूप में हुई है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और इसी दौरान उसका ढांचा अचानक ढह गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि इमारत के कई लेंटर एक साथ ढह गए, जिससे पूरा स्ट्रक्चर मलबे में तब्दील हो गया।

पांच महीने पहले ही एमसीडी को मिली थी अवैध निर्माण की सूचना

इमारत गिरने और दो लोगों की मौत के मामले में एमसीडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल दिल्ली पुलिस ने गत 15 जून को ही इस इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण की जानकारी एमसीडी को दे दी थी, लेकिन समय रहते निर्माण रुकवाने की कार्रवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी ने संबंधित असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को भी निलंबित कर दिया है।

केस दर्ज जांच शुरू

डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने इमारत मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों और निर्माण में बरती गई लापरवाही की जांच की जा रही है। सूत्रों की माने ताक बचाव अभियान जारी रहने के कारण मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

Sumant Chaudhary