जातीय गणना के बाद CM गहलोत ने रखी ‘राइट टू सोशल सेक्योरिटी’ की मांग, जानिए क्या कहा?

Bihar: इस समय बिहार में हुई जातीय गणना का मुद्दा कई राज्यों में काफी गरमाया हुआ है।बता दें मध्य प्रदेश में कमलनाथ, छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल तो अब राजस्थान में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कह दिया है कि कांग्रेस सरकार यहां भी जातिगत गणना कराएगी। इसके लिए कोर‌ कमेटी की बैठक में प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है।
जाति आधारित गणना होनी ही चाहिए- गहलोत 
तो वहीं दूसरी तरफ, अशोक गहलोत का कहना है कि जाति आधारित गणना होनी ही चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा, ‘मैं हमेशा कहता हूं कि इस देश में ‘सामाजिक सुरक्षा का अधिकार’ कानून बनना चाहिए। अगर ये सारे कानून बन गए तो किसे लाभ मिलेगा और किसे नहीं, कौन पात्र है और कौन नहीं, ये सारी बातें एक सर्वेक्षण होने पर स्पष्ट हो जाएंगी। हम यह करने जा रहे हैं.’
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा…….
जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जाति आधारित गणना का सरकार ने फैसला कर लिया है. बिहार के पैटर्न पर जातीय गणना होगी। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- ‘हमारा कैंपेन हर बूथ वॉर चलेगा, हमारा नारा होगा, काम किए दिल से- कांग्रेस फिर से’.
छत्तीसगढ़ में बिहार की तरह जाति आधारित गणना कराएगी
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने छत्तीसगढ़ में वादा किया है कि अगर फिर कांग्रेस सरकार बनती है तो राज्य में बिहार की तरह जाति आधारित गणना कराएगी। कांकेर जिले के गोविंदपुर में शुक्रवार को ‘नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने जनता से सरकार बनने पर गरीबों के लिए 10 लाख मकान बनाने का भी वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार अमीर लोगों के लिए है और उसे गरीबों एवं मध्यम वर्ग की कोई चिंता नहीं है।

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