अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार में हो रहे प्रदर्शन पर अंकुश लगाने के लिए एहतियातन 20 जिलों में इंटरनेट सेवा को सोमवार बंद कर दिया गया है। इस बीच, प्रदर्शन के नाम पर सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ के आरोप में अब तक 800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राज्य में हो रहे हंगामे को लेकर अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए राज्य में पहले 15 जिलों में इंटरनेट पर रोक लगाई गई थी। अब इनमें 5 और जिले जोड़ दिए गए हैं।
804 अराजक तत्वों की गिरफ्तारी
सोमवार को कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, नवादा, पश्चिम चंपारण, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली, सारण, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, दरभंगा, गया, मधुबनी, जहानाबाद, खगड़िया और शेखपुरा जिले में इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। इस बीच, 16 जून से लेकर 18 जून तक प्रदर्शन के नाम पर सरकारी सम्पत्ति को विनष्ट करने, आगजनी करने तथा तोड़-फोड़ के विरुद्ध राज्य भर में कुल 145 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं तथा 804 अराजक तत्वों की गिरफ्तारी की गई है।
अर्ध-सैनिक बलों की विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्ति
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि हिंसा, आगजनी, सरकारी सम्पत्ति को नष्ट करने, तोड़-फोड़ करने, अफवाह फैलाने तथा लोगों को हिंसा करने के लिए उत्प्रेरित करने वालों की अनुसंधान के क्रम में विभिन्न माध्यमों से पहचान की जा रही है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा बिहार पुलिस बल के अतिरिक्त अर्ध-सैनिक बलों की विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्ति की गई है।


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