बिहार के विभिन्न जिलों में बारिश के साथ चली आंधी और ओलावृष्टि से फसलों, फलों और सब्जियों की खेती को काफी क्षति हुई है जिसके तहत सरकार ने नुकसान का आकलन करने के आदेश जारी कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फसल व मकान के नुकसान का आकलन कर परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं। भागलपुर के कृषि पदाधिकारी के के झा ने बताया कि, आम की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इस बार फलन भी कम हुआ था और आंधी से काफी संख्या में फल गिरने की सूचना मिल रही है, जिससे किसानों को नुकसान होने की संभावना है।
कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मक्का अब परिपक्व हो चुका है। अगर खेतों में मक्के का पौधा गिर भी गया है तो उसकी तुड़ाई आसानी से की जा सकती है। कुछ जगहों पर मक्के के पौधे छोटे हैं। आंधी में छोटे पौधों की गिरने की आशंका कम होती है। बावजूद इसके प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। कटिहार, मुजफ्फरपुर में भी आंधी, बारिश से केला और मक्के, लीची और आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान कई पेड़ उखड़ गए। किसानों का कहना है कि, लीची और आम के पेड़ों में लगे आधे फल गिर गए।
कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मक्का अब परिपक्व हो चुका है। अगर खेतों में मक्के का पौधा गिर भी गया है तो उसकी तुड़ाई आसानी से की जा सकती है। कुछ जगहों पर मक्के के पौधे छोटे हैं। आंधी में छोटे पौधों की गिरने की आशंका कम होती है। बावजूद इसके प्रखंड कृषि पदाधिकारी को फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। कटिहार, मुजफ्फरपुर में भी आंधी, बारिश से केला और मक्के, लीची और आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान कई पेड़ उखड़ गए। किसानों का कहना है कि, लीची और आम के पेड़ों में लगे आधे फल गिर गए।
बता दें कि, किसानों को सीतामढ़ी, चंपारण, समस्तीपुर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, शिवहर, दरभंगा, आदि जिलों के किसानों ने नुकसान की सूचना कृषि विभाग को दी है। कई इलाकों में खेत में लगी फसलों को भी क्षति पहुंची है। खेत में लगी सब्जी के पौधे जमीन पर गए हैं। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि, फसलों के नुकसान को लेकर आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमानुसार किसानों को सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।


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