बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के पटना आगमन को लेकर हो रही बयानबाजी को प्रशांत किशोर ने गैर जरूरी बताया। चर्चित रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा कि संविधान के दायरे में सबको देश में कहीं भी आने जाने का अधिकार है, ये सरकार के लिए मुद्दा नहीं होना चाहिए।
अपनी जन सुराज पदयात्रा के दौरान वैशाली के महनार में मीडिया संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में हजारों लोगों की भूख की वजह से मौत हो रही है, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा नहीं है, बिहार के युवा 10-15 हजार के लिए दूसरे राज्य में जाकर अपना जीवन खपा रहे हैं, लेकिन लोग ये चर्चा कर रहे हैं कि कौन से बाबा बिहार आ रहे हैं। उन्होंने बेबाक लहजे में कहा कि किसी भी बाबा को आना है तो आने दीजिए। जिसको जाकर उनको सुनना होगा वो जाकर सुनेगा, जिसको नहीं सुनना है, वो नहीं सुनेगा। ये सरकार के लिए विवाद का विषय नहीं होना चाहिए कि कौन आ रहा है और कौन नहीं आ रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई बाबा, समाजसेवी या कोई सामान्य आदमी जब तक कि वह कानून के हिसाब से अपना काम कर रहा है। तो लोकतंत्र में उन्हें स्वतंत्रता है कि वो कहीं भी अपनी बात रख सकते हैं और कहीं भी जा सकते हैं। ये सरकार के लिए मुख्य मुद्दा नहीं है। उल्लेखनीय है कि शास्त्री पटना में 13 से 17 मई तक हनुमत कथा सुनाने वाले हैं। शास्त्री के पटना आगमन का राजद के कई नेताओं ने विरोध किया है। लोकसभा लड़ने के संबंध में उन्होंने कहा कि जब नेताओं और दलों को सलाह देकर जीता सकते हैं तो भरोसा रखिए बिहार की जनता को भी जीता सकता हूं। उन्होंने कहा मेरे लिए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पूरी तरह से जनता पर निर्भर करेगा। अगर लोगों को लगेगा की विकल्प की जरूरत है तो उसकी मदद हम करेंगे।


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