Bihar Rajya Sabha Election : राज्यसभा चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा दिलचस्पी बिहार राज्य को लेकर है। इस बार बिहार में एनडीए पूर्व बहुमत में है, यहां तक कि बिहार में हो रहे राज्यसभा चुनाव में संभव है कि पांचों सांसद एनडीए से जीत कर निकाल आएं, मगर अपने सभी सदस्यों को जिताने के लिए एक पेच है जिसे निकालना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।
बता दें, बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हो गया। विधानसभा में कुल 243 विधानसभा सीटे हैं, जिसमें से 202 एनडीए जीती है। इनका पार्टीशन किया जाए तो 89 भाजपा, 85 जेडीयू, एलजेपी 19 और हम 5 सीटों पर जीती।
बता दें, बिहार विधानसभा में राज्यसभा सांसदों के लिए विधायक शाम 4 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान खत्म होने के बाद शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाने की उम्मीद है।
इस बार चुनाव इसलिए खास हो गया है क्योंकि पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। अतिरिक्त उम्मीदवार के कारण मतदान की स्थिति बनी है और खास तौर पर पांचवीं सीट को लेकर सियासी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
Bihar Rajya Sabha Election 2026: छह उम्मीदवारों से बढ़ा मुकाबला

इस चुनाव में एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र खुशवाह और शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल ने ए डी सिंहको मैदान में उतारा है। कुल छह प्रत्याशियों के कारण इस बार चुनाव में वोटिंग जरूरी हो गई है।
Bihar Rajya Sabha Election : चार सीटों पर जीत लगभग तय
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए चार उम्मीदवारों की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। एनडीए के पास करीब 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे चार सीटों के लिए जरूरी वोट आसानी से जुटते दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक आकलन के मुताबिक नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र खुशवाह को पर्याप्त समर्थन मिलने की संभावना है।
पेंच पांचवीं सीट पर कैसे
मगर पेंच पांचवी सीट पर फंसा है। यहां एनडीए के शिवेश राम और महागठबंधन के ए डी सिंहके बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। दरअसलचार सीटों पर जीत के बाद एनडीए के पास लगभग 38 वोट बचते हैं। ऐसे में पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे कुछ अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
बता दें, बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। किसी भी सांसद को जीतने के लिए 41 सीटों की जरूरत है। चुनावी गणित के मुताबिक चार सीटों का समीकरण तो साफ दिख रहा है, जबकि पांचवीं सीट पर वोटों का संतुलन निर्णायक साबित हो सकता है। और प्राथमिकता के लिहाज से अंत में खड़े शिवेश राम इसकी रडार में हैं। हालांकि शिवेश राम को 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत है।
Voting Kaise Hoti Hai: कैसे होता है मतदान

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से अलग होती है। इसमें विधायक बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों को पहली और दूसरी वरीयता के आधार पर वोट देते हैं। यदि किसी उम्मीदवार को 41 प्रथम वरीयता वोट मिल जाते हैं तो उसकी जीत तय हो जाती है। इसके बाद बचने वाले वोट दूसरे उम्मीदवारों को उनकी वरीयता/प्राथमिकता के अनुसार स्थानांतरित किए जाते हैं।
शाम तक घोषित हो सकता है परिणाम
मतदान की प्रक्रिया शाम 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और देर शाम तक नतीजे आने की संभावना है। सभी राजनीतिक दलों की नजर खास तौर पर पांचवीं सीट के नतीजे पर टिकी हुई है।
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