बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: पहले मिलते थे 4 लाख, अब सिर्फ 2 लाख तक मिलेगा एजुकेशन लोन, 2016 में नीतीश कुमार ने शुरू की थी योजना

Summary :

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। योग्य छात्रों को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सम्राट चौधरी वाली नई सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली लोन की रकम को ₹4 लाख से घटाकर ₹2 लाख कर दिया है।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। योग्य छात्रों को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सम्राट चौधरी वाली नई सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली लोन की रकम को ₹4 लाख से घटाकर ₹2 लाख कर दिया है। याद हो कि यह योजना मूल रूप से 2 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम के तहत शुरू की थी। नीतीश कुमार का उद्देश्य 12वीं पास छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद पहुंचना था। इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण बिहार सरकार की तरफ से दी जाती थी और और सरकार बैंक के सामने गारंटर बनती थी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए कॉलेज में पढ़ाई करना काफी आसान होता था।

पहले ₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन मिलता था

बिहार सरकार ने अब इस स्कीम के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियम 2026-27 एकेडमिक सेशन से लागू होंगे और इस स्कीम को 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है। पहले स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के ज़रिए ₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन मिल सकता था; लेकिन अब बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम (Bihar State Education Finance Corporation) से मिलने वाली ज़्यादा से ज़्यादा रकम ₹2 लाख तक सीमित कर दी गई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए सरकार ने इस स्कीम पर ₹950 करोड़ खर्च करने की मंज़ूरी दी है।

₹2 लाख से ज़्यादा रकम के लिए: PM-विद्यालक्ष्मी पोर्टल

Bihar Student Credit Card Scheme (credit-sm)

अगर किसी स्टूडेंट को ₹2 लाख से ज्यादा का एजुकेशन लोन चाहिए, तो उन्हें केंद्र सरकार के PM-विद्यालक्ष्मी पोर्टल के ज़रिए अप्लाई करना होगा। इसके लिए संबंधित शिक्षण संस्थान का पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है। एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान स्टूडेंट्स को कोई परेशानी न हो, इसके लिए जिला रजिस्ट्रेशन और काउंसलिंग सेंटर्स (DRCCs) पर मुफ़्त एप्लीकेशन की सुविधा भी दी जाएगी। हालांकि, इस बदलाव का असर उन एप्लीकेशन्स पर नहीं पड़ेगा जिन्हें पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है।

सरकार के इस फैसले का स्टूडेंट्स पर क्या असर होगा?

बिहार सरकार के नए कार्यकाल में, राज्य-स्तरीय स्कीम के तहत लोन की अधिकतम सीमा ₹4 लाख से घटाकर ₹2 लाख कर दी गई है। सरकार ने ₹2 लाख से ज़्यादा की ज़रूरत वाले स्टूडेंट्स के लिए केंद्रीय PM-विद्यालक्ष्मी सिस्टम को विकल्प के तौर पर तय किया है। इसका सीधा असर उन स्टूडेंट्स पर पड़ेगा जिन्हें महंगी हायर एजुकेशन के लिए ₹2 लाख से ज़्यादा रकम की जरूरत है; ऐसे स्टूडेंट्स को अब केंद्रीय पोर्टल और बैंक की प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा। अब तक इस स्कीम के तहत 4.81 लाख से ज़्यादा एप्लीकेशन्स मंज़ूर हो चुके हैं और लगभग 4.15 लाख स्टूडेंट्स को करीब ₹8,865 करोड़ दिए जा चुके हैं।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।