जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में गर्भपात रेफरल के दौरान एक नाबालिग की मौत, शिक्षक गिरफ्तार

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जम्मू, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुक्रवार को गर्भपात रेफरल के दौरान एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई जबकि पुलिस ने इस जघन्य अपराध में कथित तौर पर शामिल स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग की मौत की खबर फैलते ही जम्मू डिवीजन के दूर-दराज किश्तवाड़ जिले में सदमा, गुस्सा और दुख का माहौल छा गया जब लोगों को पता चला कि प्रेगनेंसी खत्म करने के लिए रेफर किए जाने के दौरान 14 वर्ष की एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। पुलिस ने इस घिनौने अपराध में शामिल होने के आरोप में एक…

जम्मू, 21 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में शुक्रवार को गर्भपात रेफरल के दौरान एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई जबकि पुलिस ने इस जघन्य अपराध में कथित तौर पर शामिल स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

नाबालिग की मौत की खबर फैलते ही जम्मू डिवीजन के दूर-दराज किश्तवाड़ जिले में सदमा, गुस्सा और दुख का माहौल छा गया जब लोगों को पता चला कि प्रेगनेंसी खत्म करने के लिए रेफर किए जाने के दौरान 14 वर्ष की एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई।

पुलिस ने इस घिनौने अपराध में शामिल होने के आरोप में एक स्कूल टीचर को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ स्कूल टीचर के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे लोग हैरान हैं।

दरअसल, लड़की को प्रेगनेंसी के मेडिकल टर्मिनेशन (एमटीपी) के लिए किश्तवाड़ जिले से डोडा जिले रेफर किया गया था लेकिन खबरों के मुताबिक डोडा जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि स्कूल टीचर उस अपराध के लिए जिम्मेदार था, जिसके कारण आखिरकार लड़की की मौत हुई।पुलिस ने कहा, “प्रेगनेंसी, लड़की की मौत और मामले के दूसरे पहलुओं से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।”

लड़की किश्तवाड़ के खत्रू इलाके की रहने वाली थी। पुलिस ने कहा कि टीचर उस अपराध में शामिल था, जिसके कारण नाबालिग लड़की प्रेग्नेंट हुई थी।

जानकारी के लिए बता दें कि राज्यसभा में मॉनसून सत्र के दौरान पेश किए गए डेटा के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 887 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 444 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई और वर्ष के अंत तक 537 मामलों की जांच लंबित थी।

केंद्र शासित प्रदेश में 2024 में सजा दिलाने की दर (कनविक्शन रेट) 9.4 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष के अंत तक बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े 2,517 मामलों में ट्रायल लंबित था।

डेटा से पता चला कि हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में दर्ज मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव आया है। केंद्र शासित प्रदेश में 2022 में 920 मामले दर्ज किए गए, उसके बाद 2023 में 910 मामले और 2024 में 887 मामले दर्ज किए गए।

2022 में कुल 456 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई, वर्ष के अंत तक 394 मामलों की जांच लंबित रही और सजा दिलाने की दर 11.7 प्रतिशत रही। वहीं, वर्ष 2023 में सजा दिलाने की दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई, क्योंकि 413 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई और 449 मामलों की जांच चल रही थी।

–आईएएनएस

डीके/पीएम

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IANS Agency

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