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अफसरों की नजर से फीलगुड का अहसास कर रहे हैं मुख्यमंत्री: विजय सिन्हा

नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान अफसरों की नजर से फीलगुड का अहसास कर रहे हैं।

पटना : नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान अफसरों की नजर से फीलगुड का अहसास कर रहे हैं। उनकी कथित समाधान यात्रा का मकसद विकास कार्यों की समीक्षा या विकास को गति देना नहीं बल्कि सियासी है। अपनी राजनीति चमकाने और बिहार की 12 करोड़ जनता को झांसा देने के लिए वे यात्रा के नाम पर सरकारी मशीनरी व संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
श्री सिन्हा ने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री जिन सहयोगियों के साथ गठबंधन की सरकार चला रहे हैं उसके एजेंडा में दूर-दूर तक विकास नाम की कोई चीज नहीं है। राजद तो शुरू से ही भय, भ्रष्टाचार और अराजकता का पर्याय रहा है। विगत 4 महीने में ही बिहार की जनता को इसकी झांकी देखने को मिलने लगी है। फिलहाल प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 10 हत्याएं, दर्जन से ज्यादा लूट की घटनाएं और प्रखंड से लेकर राज्य मुख्यालय तक व्याप्त भ्रष्टाचार से यह समझा जा सकता है कि अपराधियों और भ्रष्टाचारियों का मनोबल किस कदर बढ़ा हुआ है। श्री सिन्हा ने कहा कि जंगल राज की यातना भोग चुके बिहारवासियों को एक बार फिर गुंडा राज का अहसास हो रहा है, मगर मुख्यमंत्री को केवल अपनी राजनीति चमकाने और कुर्सी बचाने की चिंता है। कोई ऐसा दिन, सप्ताह नहीं बीत रहा है जब बिहार में जहरीली शराब से कम से कम दो-चार लोगों की मौत नहीं हो रही है। मगर अहंकार में डूबे मुख्यमंत्री को इन सबसे कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यात्रा के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए कहा है जब मुख्यमंत्री को प्रदेश की जमीनी हकीकत से ही नजर चुराना है तो फिर यात्रा का ढोंग क्यों कर रहे हैं? जब अपने अफसरों से ही फीडबैक लेकर फीलगुड का अहसास करना है, जब सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहकर ही बिहार की बदहाली के नजारों को देखकर आत्ममुग्ध होना है तो क्या यह बिहार की जनता से छलावा और उनके साथ भद्दा मजाक नहीं है?

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