पटना : बिहार का बच्चा बच्चा जानता है कि नीतीश का कोई सगा नहीं जिसे उसने ठगा नहीं। मुख्यमंत्री पद के लिए वे कुछ भी कर सकते है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 15 साल के शासनकाल का भ्रष्टाचार पर झांक कर देखे। उनके शासन में भष्टाचार चरम सीमा पर है। ऐसे व्यक्ति को काग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। ये बातें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार वर्ष 2000 में पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बने। उन्हें याद होना चाहिए कि जेल में बंद अपराधी का बहुमत और समर्थन से मुख्यमंत्री के कुर्सी पर बिरजमान हुए। इस तरह षडयंत्र करने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव देश के भावी प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करते है वह शोभामान नहीं है। राजद और उनके नेताओ को भ्रष्टचार से जोडक़र बताया जा रहा । उसी राजद के समक्ष नतमस्तक होकर 2015 में मुख्यमंत्री बने। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राहुल गांधी पर टिप्पणी करना उनके स्तर का असरहींता दर्शाता है।


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