पटना : अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के लिए मोदी सरकार में हुए कामों का ब्यौरा देते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने कहा “ 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की बगड़ोर संभाली, तो विपक्षी दलों ने अल्पसंख्यकों के बीच अफवाहें फैलाने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के अपने मूलमंत्र के तहत पीएम मोदी ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया.
इतना ही नहीं अल्पसंख्यकों के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला बजट भी कम नहीं हुआ बल्कि साल दर साल बढ़ता ही रहा.2013-14 के बजट में जहाँ अल्पसंख्यकों के लिए 3511 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे वह 2019-20 में बढ़कर 4700 करोड़ रुपये हो गया. पहले देश के केवल 90 जिलों को अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए विकास कार्यक्रमों का दायरे को बढाते हुए इसका विस्तार देश के 308 जिलों तक सफलता पूर्वक कर दिया है.
इसके अलावा मोदी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे अल्पसंख्यकों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिली है. इन योजनाओं में आयुष्मान भारत योजना, जन धन योजना, पीएम-किसान सम्मान निधि, पीएम श्रमयोगी मान-धन योजना, सुकन्या समृद्धि, उज्ज्वला योजना, आवास योजना, उजाला योजना, जल-जीवन मिशन जैसी योजनायें शामिल हैं.
मुस्लिम समुदाय के लिए हज यात्रा को सुगम बनाने का काम भी इसी सरकार ने किया है. पीएम मोदी द्वारा सऊदी अरब से भारतीय हज कोटे को बढाने की अपील के बाद 2019 में पहली रिकॉर्ड 2 लाख भारतीय मुसलमानों ने हज यात्रा की, जिनमें 48 प्रतिशत महिलाएं थीं. यह वर्तमान सरकार की ही देन है की आज मुस्लिम महिलाओं के लिए मेहरम की बाध्यता समाप्त हो चुकी है तथा साथ ही उन्हें तीन तलाक के दंश से भी मुक्ति मिल चुकी है. आज कांग्रेस की तरह अल्पसंख्यकों को डरा कर कोने में नहीं रखा जाता बल्कि पहली बार देश में अल्पसंख्यकों का सम्मान के साथ विकास हो रहा है.


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