Video: लालू की तलवार पर मांझी का वार – पहले लाठी, फिर तलवार, अब AK-47 का इंतजार?’

Summary :

लालू प्रसाद यादव ने अपने जन्मदिन पर तलवार से केक काटा, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई…

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने जन्मदिन पर तलवार से केक काटा, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई। कई नेताओं ने इसे अनुचित बताया और तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। जीतन राम मांझी ने लालू पर तंज कसते हुए कहा कि तलवार से केक काटना समाज को गलत संदेश देता है।

जन्मदिन पर तलवार से केक, सियासत गरमाई

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने हाल ही में अपने जन्मदिन पर तलवार से केक काटा। इस घटना ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। कई नेताओं ने इसे अनुचित बताया है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

जीतन राम मांझी की तीखी टिप्पणी

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने लालू यादव पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा,

“जब वो सत्ता में थे तो लाठी की राजनीति करते थे, अब तलवार से केक काटकर क्या संदेश देना चाहते हैं?”

मांझी ने कहा,

“मेरा लालू यादव से कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है। लेकिन मैं उनके कामों की आलोचना करता हूँ। जब वह सत्ता में थे, तब ‘लाठी बजाओ, तेल पिलाओ’ की नीति से समाज को गुमराह किया। अब तलवार से केक काटना क्या दिखाता है?”

तलवार से केक काटना – क्या यह उचित है?

मांझी ने तलवार से केक काटने को गलत बताया। उन्होंने कहा,

“अगर कल उन्हें सत्ता मिली, तो क्या वह एके-47 से केक काटेंगे?”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा व्यवहार समाज को गलत संदेश देता है और इसकी निंदा होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर हमला

मांझी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लालू यादव की तलवार से केक काटते हुए तस्वीर साझा की और लिखा:

“लाठी में तेल पिलवाकर समाज को बांटने वालों के व्यवहार में बदलाव आ ही नहीं सकता। आज जब सरकार में नहीं हैं तो साहेब तलवार से केक काट रहे हैं, गलती से बेटवा कुछ बन गया तो एके-47 से केक को उड़ाया जाएगा। है ना लालू जी। खैर जन्मदिन की बधाई।”

कानून-व्यवस्था पर भी साधा निशाना

लालू यादव द्वारा मौजूदा सरकार की आलोचना पर मांझी ने कहा कि आज के शासन में अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई होती है, जबकि लालू के शासनकाल में अपराधियों और पीड़ितों के बीच समझौते कराए जाते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि “हम प्रार्थना करते हैं कि वैसी अव्यवस्था फिर कभी बिहार में न लौटे,”

Shera Rajput