कुएं में मोटर ठीक करने उतरे पिता-पुत्र समेत 4 लोगों की जहरीली गैस से मौत, दमकलकर्मी भी हुआ बेहोश

Summary :

बिहार के गया जिले के डोभी प्रखंड के करमौनी गांव में एक पुराने कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

बिहार के गयाजी में डोभी प्रखंड के करमौनी गांव का एक पुराना कुआं पिता और बेटे के लिए काल बन गया। यहां जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-बेटे समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की शुरुआत तब हुई जब एक मजदूर कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरा और जहरीली गैस की वजह से बेहोश होकर डूबने लगा। उसको बचाने के चक्कर में एक-एक करके चार लोग कुएं में उतरे और चारों की जान चली गई।

पिता-पुत्र समेत 4 की मौत

मृतकों की पहचान बेटा विकास चौधरी, पिता विजय चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी के रूप में हुई है, जबकि बचाव कार्य के दौरान एक दमकल सिपाही भी गैस की चपेट में आने से बाल-बाल बचा और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।

पिता को बचाने कुएं में उतरा बेटा, हुई मौत

जानकारी के मुताबिक, कुएं में सिंचाई की मोटर लगाने के लिए सबसे पहले चमारी मांझी उतरे थे। उन्हें वहां जहरीली गैस होने का कोई अंदाज़ा नहीं था, जिससे वे नीचे उतरते ही बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए उनका बेटा दिलचंद मांझी कुएं में उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया और दोनों की कुछ ही देर में मौत हो गई। इसके बाद, विकास चौधरी और उनके पिता विजय चौधरी एक के बाद एक कुएं में उतरे, और जहरीली गैस की वजह से उन दोनों की भी जान चली गई। इस तरह इस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हो गई।

जहरीली गैस की चपेट में आने से दमकलकर्मी भी बेहोश

शेरघाटी के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि कुएं से दो शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि बाकी दो शवों को निकालते समय दमकलकर्मी अजीत कुमार भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है, जो सुरक्षा उपकरणों और मास्क के साथ कुएं में उतरकर बचे हुए शवों को बाहर निकालेगी। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।