केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी गिरिराज सिंह ने आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में मंगलवार को बिहार के बेगूसराय की एक अदालत में समर्पण कर दिया। इसके बाद इस मामले में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। बेगूसराय व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमन कुमार की अदालत में सिंह ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के एक मामले में समर्पण किया।
इसके तुरंत बाद उन्होंने जमानत की अर्जी दाखिल की, और अदालत ने बीजेपी नेता को जमानत दे दी। उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल को बेगूसराय में एक चुनावी रैली के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में मुस्लिमों के खिलाफ टिप्पणी करने का गिरिराज सिंह पर आरोप लगाया गया था।
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आरोप है कि चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा था, ‘जो वंदे मातरम् नहीं गा सकता, जो मातृभूमि का सम्मान नहीं कर सकता, उसे देश माफ नहीं करेगा। मेरे पूर्वज सिमरिया घाट में गंगा नदी के किनारे मरे, और उन्हें कब्र की जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन तुम्हें तो तीन हाथ जगह चाहिए।’
इस मामले में बेगूसराय जिला प्रशासन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आदर्श चुनाव आचार संहिता का एक मामला नगर थाने में दर्ज करवाया था। बिहार के बेगूसराय में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।


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