पेट्रोल डीजल के दामों मेें अपत्याशित वृद्धि कर लॉकडाउन में हुये नुकसान की भरपाई में जुटी है सरकार:ललित सिंह

Summary :

वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन ललित सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया की 28 अप्रैल को पेट्रोलियम उत्पाद पर भारत सरकार से अनुरोध किया गया था, जिसे लगभग सभी समाचार पत्रों और वेब न्यूज़ द्वारा कवर किया गया था।

पटना, (पंजाब केसरी) :वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन ललित सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया की 28 अप्रैल को पेट्रोलियम उत्पाद पर भारत सरकार से अनुरोध किया गया था, जिसे लगभग सभी समाचार पत्रों और वेब न्यूज़ द्वारा कवर किया गया था। उत्पाद शुल्क में वृद्धि से भारत सरकार अब जो खर्च करेगीए वह अर्जित भी करेगी। तो भारत सरकार कृपया अपने आप को मानवता का मसीहा साबित न करें? भारत वासियों का धन्यवाद, जो भारत सरकार को कोरोना के लिए निर्णायक वित्तीय संकट से निपटने के लिए बाजार मूल्य से दोगुने दर का भुगतान कर रहे है। 
यह भी जाने कि कैसे भारत सरकार लॉक डाउन से हुए नुकसान की भरपाई अपने मुनाफे से करेगा, नकदी-तंगी वाली सरकार को इस राजस्व में 1.6 लाख करोड़ रुपये के करीब अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जो कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में रिकॉर्ड वृद्धि से ही संभव है, जो धीमी अर्थव्यवस्था में खोए राजस्व को बढ़ाने और व्यवसायों के कारण कारोबार बंद करने में मदद करेगा। मंगलवार की देर शाम, सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में दो दशक के निचले स्तर पर आने से, अपने लाभ में बढ़ोतरी की।  उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि दो महीने से भी कम समय में उत्पाद शुल्क में यह दूसरी बढ़ोतरी है और इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व में 1.7 लाख करोड़ रुपये की अधिक मदद मिलेगी। कोरोनो वायरस के कारण लॉकडाउन द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण खपत में गिरावट को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के शेष 11 महीनों (अप्रैल 2020 से मार्च 2021) में लाभ 1.6 लाख करोड़ रुपये के करीब होगा। पेट्रोल और डीजल पर 14 मार्च के उत्पाद शुल्क में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के साथ वार्षिक राजस्व में 39,000 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथए सरकार 2 लाख करोड़ रुपये का लाभ उठाती है। राज्य के स्वामित्व वाली ईंधन खुदरा कंपनियों, इंडियन ऑयल कॉर्प  भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड  और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड  ने 16 मार्च से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर कर दी थीं, क्योंकि सरकार के उत्पाद शुल्क बढ़ाने के कदम की आशंका तेल कंपनियो को हो गयी थी।  अधिकारियों ने कहा कि आम तौर पर खुदरा कीमतों में करों में किसी भी संशोधन के साथ बदलाव हुआ होगाए लेकिन 14 मार्च की तरह कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है क्योंकि उपभोक्ताओं को ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 18 डॉलर प्रति बैरल तक मिलना चाहिए था, जिसके खिलाफ उत्पाद शुल्क बढ़ोतरी को समायोजित किया जा रहा है। जो की 1999 के बाद से सबसे कम है। सरकार पैसा का रोना न सुनाये यह बतलायें कि किसान,मजदूर,और विद्याथियों के लिए क्या करने जा रहे। कोई कहानी और सपना नहीं। बहुत मजाक कर लिये किसान से राहत के नाम पर।

Ujjwal Jain