बिहार में सरकार द्वारा पांच मई से लगाए गए लॉकडाउन का असर भी अब दिखने लगा है। लॉकडाउन के बाद संक्रमण की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में पांच मई को 95,248 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 14,836 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
इस दिन संक्रमण की दर 15.57 प्रतिशत दर्ज किया गया था। जबकि गुरुवार को संक्रमण की दर 7.93 प्रतिशत दर्ज की गई। इस तरह देखा जाए राज्य में लॉकडाउन के बाद गुरुवार तक कोरोना संक्रमण दर में 7.64 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
राज्य में गुरुवार को 97,664 नमूनों की जांच की गई थी, जबकि 7,752 नए मरीज मिले थे। राज्य में लॉकडाउन के बाद संक्रमण की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में 12 मई को 1,11,740 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 9,863 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। इस दिन संक्रमण की दर 8.82 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
इसके एक दिन पूर्व यानी 11 मई को 1,10,071 नमूनों की जांच की गई, जिसमें 10,920 लोग संक्रमित पाए गए थे, राज्य में इस दिन संक्रमण की दर 9.92 प्रतिशत दर्ज की गई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में 9 मई को कोरोना संक्रमण की दर 10.31 प्रतिषत तक लुढ़क कर पहुंच गया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीष कुमार भी कहते हैं कि लॉकडाउन का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है।
बिहार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक जहां संक्रमण दर में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी राजद सरकार पर आंकड़ों का खेल खेलने का आरोप लगा रही है। राजद ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, बिहार सरकार दावा कर रही है कि कोरोना संक्रमणों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जबकि वास्तविकता इसके ठीक उलट है।
कोरोना गांवों तक पहुंच गया है। जब शहरों के अस्पताल इतने दयनीय हैं तो गांवों की हालत समझ सकते हैं। पर सरकार के लिए अब गांवों से आंकड़ों का खेल खेलना बहुत आसान है। बिहार में पहले पांच से 15 मई तक लॉकडाउन लगाया गया था, लेकिन गुरुवार को इसे बढ़ाकर 25 मई तक कर दिया गया है।


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