बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हालात के दयनीय, अराजक और विस्फोटक होने की बात कहते हुए रविवार को आरोप लगाया कि इस रोग पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार को ”बाज” बनने की जगह सत्ताधारी दल जदयू के नेता लोगों का ”शिकार” करने के लिए “गिद्ध” बन आसन्न विधानसभा चुनाव को लेकर रैली कर रहे हैं।
पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची में चारा घोटाला मामले को लेकर सजा काट रहे लालू ने रविवार को ट्वीट कर आरोप लगाया, ”बिहार में कोरोना के कारण स्थिति दयनीय, अराजक और विस्फोटक है। स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। कोरोना वायरस संक्रमण नियंत्रण के लिए सरकार को बाज़ बनना था लेकिन जदयू नेता लोगों का शिकार करने के लिए “गिद्ध” बन रैली कर रहे हैं। मुख्यमंत्री चार महीनों में चार बार भी आवास से बाहर नहीं निकले।”
लालू का इशारा आसन्न बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जदयू द्वारा आयोजित किए जा रहे वर्चुअल संवाद की ओर था। बिहार जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने लालू की उक्त टिप्पणी की भाषा को अराजक, बर्बर और हिंसक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी को झेल रही है और पिछले 100 घंटे में 10 लाख नए मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 दिन में बिहार सहित नौ राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। राजीव ने कहा, यह एक चुनौती है लेकिन राज्य की मशीनरी स्थिति से निपटने में सक्षम है।’’ उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की टिप्पणी पूरी मानवता के लिए शर्म की बात है।


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