पटना : राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता सह विधायक डॉ. रामानुज प्रसाद एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश महासचिव अरुण कुमार ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य में एक ओर गरीब जनता सरकारी सहायता की टकटकी लगाए हुए अपने प्राण त्याग ने भी शुरू कर दिया है। लॉकडाउन के कारण गरीबों के पास खाने को लाले पड़ रहे हैं लोग भोजन की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं और राज्य सरकार सिर्फ घोषणाओं की अंबार लगाकर खड़ी है।
सरकार ने जीतनी घोषणाएं कर रखी है उसका धरातल से कोई संबंध नहीं है। ग्राउंड जीरो पर कोई काम नहीं हो रहा है और भूख से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। अति पिछड़ा वर्ग के लोग जो प्रतिदिन काम कर खाना खाते थे उनकी स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है। राज्य सरकार ने राशन कार्ड के बनाने हेतु जीविका दीदियों को प्रतिनियुक्त की गई थी वह भी पारदर्शी तरीके से सर्वे नहीं कर पाई जीविका दीदी के बहुत ही शिकायतें आई कि पैसा लेकर सर्वे कर रही है, और उसमें भी जितने भी सर्वे कर रिपोर्ट दिया गया उस पर भी राशन कार्ड नहीं बनाया गया।
सिर्फ 1000 रुपये की आर्थिक सहायता ही की गई ना ही उसे अनाज मिला और ना ही किसी प्रकार की सहायता राज्य सरकार गरीबों को राहत सामग्री दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है गरीबों का कोई सुनने वाला नहीं । राज्य सरकार सिर्फ घोषणाओं पर घोषणा करती जा रही हैं परंतु उनकी एक भी घोषणा सर जमीन पर अमल नहीं हो रहाी है और सरकार ने 1000 रुपये के अलावे 3 माह का राशन चावल आटा आलू एवं दाल भी देने की घोषणा की थी परंतु यह सब सिर्फ घोषणा ही रह गई। राष्ट्रीय जनता दल यह मांग करती है की सरकार अपनी घोषणाओं पर अमल करें और तमाम गरीबों को राशन उपलब्ध कराएं । जिससे कि लोग भूखमरी से उबर सके राज्य में डबल इंजन की सरकार फिर भी जनता बेहाल है।


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