बिहार के सत्ताधारी दल जनता दल (यूनाइटेड) में बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी संगठन में बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि आवश्यक होगा तो जरूर कुछ होगा। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्ष अभी खुद समस्या में उलझा है, अभी उसे बिहार की चिंता नहीं है।
कुशवाहा शुक्रवार को मुजफ्फरपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अभी वे राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। दौरे के क्रम में आम लोगों और कार्यकतार्ओं से मिल रहे हैं और फीडबैक ले रहे हैं। संगठन में बदलाव के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “पूरे राज्य की यात्रा के बाद जो फीडबैक आएगा उस पर विचार कर अगर अवश्यक होगा तो कुछ होगा।”
मुजफ्फरपुर में कुशवाहा को भावी मुख्यमंत्री बताए जाने का पोस्टर लगाए जाने के संबंध में पूछे जाने पर जेडीयू के नेता ने कहा, “यह पोस्टर पार्टी द्वारा नहीं बल्कि एक सामाजिक संगठन द्वारा लगाया गया था, जिस पर मैने एतराज भी जताया है।” विपक्ष पर खासकर राजद पर निशाना साधते हुए हुए उन्होंने कटाक्ष किया, “विपक्ष अभी खुद घर और कोर्ट कचहरी की समस्या में उलझा हुआ है, उसे बिहार की चिंता नहीं है। आगे वह घर की समस्या से उबरें।”
कुशवाहा ने अपनी यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए कहा, “अब तक करीब डेढ दर्जन जिलों की यात्रा कर चुके है। अपनी यात्रा के पांचवें चरण की यात्रा गुरुवार को मुजफ्फरपुर से प्रारंभ की है। गुरुवार को मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में गया और लोगों से मुलाकात की। शुक्रवार को शिवहर जाना है।”
जाति आधारित जनगणना के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस पर पॉजिटिव निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जो प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिलने गया था उसमें बीजेपी के नेता भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि बिना केंद्र के ग्रीन सिग्नल मिले बीजेपी के नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हुए होंगे, यह सबको पता है। ऐसे में उम्मीद है कि जाति आधारित जनगणना होगी।


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