शीर्ष अभिनेता रजनीकांत ने आज कहा कि उनकी तमिलनाडु में राजनैतिक क्रांति लाने की इच्छा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु एक ऐतिहासिक राज्य है जिसने कई बड़ बदलाव लाए हैं। उन्होंने कहा, तमिलनाडु बेहद ऐतिहासिक स्थान है। चाहे गांधीजी का अपना सामान्य पहनावा छोड़कर धोती अपनना हो-सबकुछ यहां से शुरू हुआ था–अनेक बातें। मीडिया को यहां चार मिनट के अनौपचारिक संबोधन में उन्होंने कहा, मेरी यहां से एक राजनैतिक क्रांति शुरू करने की इच्छा है। उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा करने के दो दिन बाद यह बात कही। अभिनेता ने कहा कि अगर अभी बदलाव किये गए तो भावी पीढ़ बेहतर जीवन जिएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल में सबकी जिम्मेदारी है। यह स्वतंत्रता के लिये संघर्ष की तरह है। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को लोकतांत्रिक संघर्ष बताया। रजनीकांत ने कहा कि वह मीडिया से बातचीत करने से संकोच करते हैं और विरले संवाददाताओं से बातचीत करते हैं। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि वह मीडिया से निपटने को लेकर आश्वस्त नहीं थे।
हालांकि, उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि वह पार्टी से संबंधित काम हो जाने के बाद उन्हें संबोधित करेंगे। रजनीकांत ने कहा कि उन्होंने दो महीने के लिये कर्नाटक में एक अखबार में प्रूफरीडर के तौर पर काम किया था। कुछ लोगों द्वारा आध्यात्मिक राजनीति की सांप्रदायिक राजनीति के तौर पर व्याख्या किये जाने पर रजनीकांत ने इससे पहले संवाददाताओं से अपने आवास पर कहा कि उनका आशय ऐसी राजनीति से था जो सच्चाई और ईमानदारी पर आधारित हो और जाति, मजहब और धर्म की राजनीति से मुक्त हो। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि वह कब अपनी प्रस्तावित पार्टी के नाम और चुनाव चिहन की घोषणा करेंगे। संवाददाताओं द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं खुद नहीं जानता हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह लोगों से मिलेंगे तो उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसका पता चलेगा। उन्होंने कहा, एकबार में मैं आपको सबकुछ नहीं बता सकता हूं। रजनीकांत ने कल यहां रामकृष्ण मठ के आध्यात्मिक प्रमुखों से मुलाकात की थी और उनसे आशीर्वाद मांगा था।
24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए क्लिक करे


Download Android App
Download iOS App



