सुभाष घई ने बिना स्क्रिप्ट ही बना डाली थी ‘राम लखन’, इन दो डायरेक्टर्स की रीमेक पर नजर

Summary :

‘राम लखन’ को रिलीज हुए 33 साल पूरे हो गए हैं। सुभाष घई ने बातचीत में फिल्‍म से जुड़ी मजेदार बातें बताई हैं।

सुभाष घई की ब्लॉकबस्टर हिट ‘राम लखन’ ने गुरुवार को 33 साल पूरे कर लिए हैं। इस फिल्म के लीड एक्टर अनिल कपूर  ने फिल्म के दौरान स्पेशल डेज को सोशल मीडिया पर याद किया है। सुभाष घई ने ‘राम लखन’ को बनाने के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में क्लियर किया। उन्होंने फिल्म के रीमेक को लेकर भी बात की। 
बॉलिवुड फिल्‍म ‘राम लखन’ को रिलीज हुए 33 साल हो गए हैं। भारतीय सिनेमा की कल्‍ट फिल्‍मों में शुमार इस फिल्‍म से जुड़ी ऐसी कई बातें हैं, जो 33 साल बाद भी सुभाष घई के जेहन में हैं। सुभाष घई कहते हैं कि ‘राम लखन’ की कहानी टाइमलेस है। वह कहते हैं, ‘मुझे खुशी है कि इन 33 साल में छोटे पर्दे पर भी लोगों ने इस फिल्‍म को कई बार देखा है। मेरे हिसाब से राम लखन की कहानी टाइमलेस है। इसमें राखी द्वारा निभाई गई मां, राम जैसे भाई और लखन जैसे करप्‍ट इंसान की ताकत थी।
 ऐसे कैरेक्‍टर वाले लोग आज भी हैं और आने वाले भवि‍ष्‍य में भी हमारे समाज में हमेशा रहेंगे। इस देश में अच्छे लोग भी हैं और बुरे लोग भी हैं। आज भी व्यवस्था में मजबूत, ईमानदार लोग हैं। और ऐसे लोग भी हैं जो चीजों को गलत दिशा में धकेल रहे हैं। और जब ये दो तरह के लोग एक मां के ही बेटे होते हैं तो एक टाइमलेस इक्‍वेशन बनता है।’
क्‍या इन 33 साल में कभी ‘राम लखन’ के रीमेक का खयाल आया? इस बारे में बात करते हुए सुभाष घई कहते हैं, ‘यह कहानी आज के दौर के हिसाब से भी फिट है। करण जौहर और रोहित शेट्टी इसका रीमेक बनाना चाहते थे, लेकिन वे अपना समय ले रहे हैं। हालांकि, मुझे यकीन है कि जब भी फिल्म का रीमेक बनाया जाएगा तो यह ब्लॉकबस्टर होगी, क्योंकि इसमें बेहतरीन ड्रामा, अच्‍छी कहानी, मजबूत स्‍क्र‍िप्‍ट और कैरेक्‍टर्स का बेजोड़ मेल है।’

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