नई दिल्ली: एशियाई विकास बैंक एडीबी ने कहा कि वह भारत के लिए अपनी सालाना कर्ज साहयता साल से बढ़ाकर चार अरब डालर करेगी जो इस समय 2.7 अरब डालर के स्तर पर है। नयी सहायता योजना में निजी क्षेत्र के लिए सहायता दो गुना कर एक अरब डालर वार्षिक के स्तर पर पहुंचाई जाएगी और सरकारी एजेंसियों को मिलने वाला कर्ज तीन अरब डालर तक पहुंच जाएगा।
एडीबी के निदेशक भारत केनिचि योकोयामा ने कहा कि भारत के समावेशी आर्थिक रूपांतरण को तेज करने के लिए एडीबी ने भारत को 2018-22 के दौरान सालाना आधार पर चार अरब तक ऋण देने का फैसला किया है। इस तरह से भारत को अगले पांच साल की अवधि में कुल मिलाकर लगभग 20 अरब डालर ऋण मिलेगा और यह एडीबी से सबसे अधिक सहायता पाने वाला देश होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए रणनीति 2018-22 के तहत सरकार को दिया जाने वाला कर्ज दो अरब डालर से बढाकर तीन अरब डालर किया जाएगा।
वहीं निजी क्षेत्र के लिए वार्षिक वित्तपोषण का स्तर भी दोगुना कर एक अरब डालर किया जाएगा। अन्य प्राथमिकता वाले स्तंभों में कम आय वाले राज्यों तथा जलवायु परिवर्तन जैसे खंडों को बढ़े सालाना वित्तपोषण में बढ़ोतरी शामिल है। एडीबी का भारत कार्यक्रम आर्थिक प्रतिस्पर्धी क्षमता को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगा ताकि अगले पांच साल में और अधिक व बेहतर वेतन वाले रोजगार सृजित किए जा सकें।


Download Android App
Download iOS App



