इस कंपनी पर बम बनकर फूटा AI! छिनेगी इतने लोगों की नौकरी, मार्क जकरबर्ग ने दिए ये संकेत

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AI Impact on Meta: देश में एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बनाया है, तो वहीं दूसरी ओर इस तकनीक ने कई कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। इसी बीच AI से जुड़ी एक बड़ी खबर अब दुनिया की प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में शामिल Meta Platforms पर असर डालती दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी जल्द ही एक बड़ा फैसला ले सकती है और वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इस कदम से…

AI Impact on Meta: देश में एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बनाया है, तो वहीं दूसरी ओर इस तकनीक ने कई कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। इसी बीच AI से जुड़ी एक बड़ी खबर अब दुनिया की प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों में शामिल Meta Platforms पर असर डालती दिखाई दे रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी जल्द ही एक बड़ा फैसला ले सकती है और वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इस कदम से कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि इस फैसले के पीछे मुख्य वजह AI तकनीक पर तेजी से बढ़ता निवेश है, क्योंकि कंपनी आने वाले सालों में AI को अपने कारोबार का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

AI Impact on Meta: 20 प्रतिशत कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर

AI Impact on Meta
AI Impact on Meta (Source: Social Media)

रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर 2025 के अंत तक Meta Platforms में करीब 79 हजार कर्मचारी काम कर रहे थे। यदि कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 20 प्रतिशत कम करती है, तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक इस संभावित छंटनी को लेकर कोई आधिकारिक तारीख या विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर इसको लेकर तैयारियां शुरू होने की बात सामने आ रही है।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा बड़ा निवेश

Mark Zuckerberg की अगुवाई वाली कंपनी आने वाले सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी निवेश करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी साल 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 600 अरब डॉलर (करीब 55 लाख करोड़ रुपये) तक खर्च करने का लक्ष्य बना सकती है। इस निवेश का उद्देश्य AI से जुड़े डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग पावर और नई तकनीकों को विकसित करना है, जिससे कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को और ज्यादा स्मार्ट और ऑटोमेटेड बना सके।

AI Impact on Meta: AI से कम लोगों में भी हो सकेगा ज्यादा काम

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AI Impact on Meta (Source: Social Media)

कंपनी के CEO Mark Zuckerberg पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई कामों को आसान बना सकती है। उन्होंने जनवरी में कहा था कि पहले जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बड़ी टीम की जरूरत होती थी, अब वही काम एक बेहद प्रतिभाशाली व्यक्ति भी कर सकता है। उनका मानना है कि AI की मदद से कंपनियां कम संसाधनों में भी ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगी। यही वजह है कि टेक कंपनियां तेजी से AI टेक्नोलॉजी को अपनाने पर जोर दे रही हैं।

2022 से भी बड़ी हो सकती है यह छंटनी

अगर Meta Platforms वास्तव में अपने 20 प्रतिशत कर्मचारियों को हटाती है, तो यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी में से एक होगी। गौरतलब है कि नवंबर 2022 में कंपनी ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद करीब चार महीने बाद कंपनी ने एक और दौर की छंटनी की थी, जिसमें लगभग 10,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। अब संभावित नई छंटनी उन दोनों फैसलों से भी बड़ी मानी जा रही है।

सीनियर अधिकारियों को मिल चुका है संकेत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही संकेत दे दिया गया है कि उन्हें बड़े स्तर पर होने वाली छंटनी के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन टेक इंडस्ट्री में इसे AI की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI के बढ़ते उपयोग के कारण कई कंपनियां अपनी कार्यशैली में बड़े बदलाव कर सकती हैं। इससे टेक सेक्टर में नौकरी के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।