Air India Increased Fares: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का असर अब भारत के हवाई यात्रियों पर भी दिखने लगा है। जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है, जिसके चलते टाटा समूह की एयरलाइन एअर इंडिया ने अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा। एअर इंडिया के इस फैसले के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। घरेलू फ्लाइट्स में टिकट की कीमत करीब 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक बढ़ सकती है।
वहीं, इंटरनेशनल उड़ानों में यह बढ़ोतरी 2,200 रुपये से लेकर 26,000 रुपये तक जा सकती है। ऐसे में यात्रियों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। एयरलाइन के अनुसार, नई फ्यूल सरचार्ज दरें 8 अप्रैल से अधिकतर रूट्स पर लागू हो जाएंगी। हालांकि, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों के लिए यह बदलाव 10 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा।
Air India Increased Fares: फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल
जेट फ्यूल की कीमतों में हाल के समय में जबरदस्त वृद्धि हुई है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 27 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में जेट फ्यूल की औसत वैश्विक कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो फरवरी में करीब 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी। यानी एक महीने में लगभग 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि एयरलाइंस पर लागत का दबाव तेजी से बढ़ा है।
दूरी के आधार पर सरचार्ज सिस्टम

एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए एक नया दूरी-आधारित ग्रिड सिस्टम लागू किया है। यानी अब टिकट का सरचार्ज उड़ान की दूरी के अनुसार तय होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ज्यादा बढ़ोतरी की गई है क्योंकि वहां फ्यूल कीमतों पर कोई सीमा तय नहीं है। एयरलाइन ने यह भी साफ किया है कि बढ़ाया गया सरचार्ज पूरी तरह से बढ़ी हुई लागत को कवर नहीं करता। कंपनी अभी भी खर्च का कुछ हिस्सा खुद वहन कर रही है।
Air India Fare Hike: सरकार की भूमिका
सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित रखने का फैसला लिया है। इससे कुछ हद तक एयरलाइंस को राहत मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें पूरी तरह बाजार पर निर्भर हैं।
CEO के इस्तीफे की खबर
इसी बीच एअर इंडिया से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। एयरलाइन के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जुलाई 2022 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने बोर्ड को अपने इस्तीफे की जानकारी दी और फिर पद छोड़ दिया। हालांकि, इस पर अभी तक एयरलाइन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


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