बेंगलुरु: इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) वी बालाकृष्णन ने निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि कंपनी ने अपने पूर्व सीएफओ राजीव बंसल को कंपनी से अलग होने के लिए जो भुगतान किया है, उसमें कामकाज के संचालन की खामियों के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास निपटान अपील दायर की गई है जिसके मद्देनजर कुछ बोर्ड सदस्यों को हटाया जाना चाहिए। बालकृष्णन ने कहा कि मेरा मानना है कि कुछ बोर्ड सदस्यों मसलन पूर्ववर्ती सह चेयरमैन रवि वेंकटेशन और आडिट समिति की चेयरमैन रूपा कुडवा को अब बोर्ड में जारी रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी ने बंसल को किए गए भुगतान के मामले में सेबी के पास निपटान की अपील की है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम में बोर्ड का पुनर्गठन किया जाना बहुत जरूरी है। बोर्ड में ईमानदार और उच्च दर्जे के लोगों को शामिल किए जाने की जरूरत है। बालाकृष्णन को इन्फोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति का समर्थक माना जाता है। उन्होंने शेयर बाजारों को भेजी सूचनाओं में बोर्ड में हुई सभी खामियों के लिए नारायण मूर्ति को जिम्मेदार ठहराने के लिए भी गलत बताया। इससे पहले नारायण मूर्ति ने आरोप लगाया था कि इन्फोसिस और उसके निदेशक मंडल ने खुलासा और कामकाज के संचालन के नियमों का उल्लंघन किया है।
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