मुंबई : बैंकों द्वारा निकट भविष्य में जमा पर ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले कुछ माह के दौरान बैंकों में कर्ज राशि उसकी जमाओं से अधिक तेजी से बढ़ी है, जिससे ऋण-जमा अनुपात बढ़ा है। इससे उम्मीद है कि निकट भविष्य में बैंक जमा पर ब्याज दर बढ़ा सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में पांच जनवरी तक बढ़ा हुआ कर्ज 2.02 लाख करोड़ रुपये रहा, जो कि इस दौरान 1.27 लाख करोड़ रुपये की जमाओं से अधिक रहा है। इक्रा की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने हाल में पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम के तहत बैंकों में 88,139 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है। इससे आगामी महीनों में सरकारी बैंकों की ऋण वृद्धि की रफ्तार बढ़ेगी।
इसमें कहा गया है कि बैंकों के पास अपनी अधिशेष एसएलआर होल्डिंग को घटाने और उसे बढ़े हुए कर्ज में लगाने का विकल्प है, लेकिन वे संभवत: ऐसा नहीं करेंगे। क्योंकि ऐसा होने पर बांड प्राप्ति ऊपर की ओर जाएगी जिससे बैंकों का ट्रेजरी नुकसान बढ़ेगा। 29 सितंबर, 2017 से 5 जनवरी, 2018 के दौरान बैंकों का बढ़ा हुआ कर्ज 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 30,000 करोड़ रुपये की जमा वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमा में धीमी वृद्धि की वजह आम लोगों के पास करेंसी में लगातार बढ़ोतरी है, जो 29 सितंबर, 2017 से 5 जनवरी, 2018 के दौरान 1.36 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। यह नोटबंदी से पहले का करीब 96 प्रतिशत बैठता है।
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