नई दिल्ली : भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने छह मानदंडों पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सुधार एजेंडे के क्रियान्वयन के आकलन के लिये योजना तैयार की है। इन छह मानदंडों में ग्राहकों के प्रति जवाबदेही, कर्ज उठाव तथा डिजिटलीकरण शामिल हैं। सरकारी बैंकों में पूंजी डालने का काम प्रत्यक्ष रूप से सुधार मोर्चे पर उनके प्रदर्शन से जुड़ा है। इस लिहाज से आईबीए का यह कदम महत्वपूर्ण है।
सरकार ने फंसे कर्ज से प्रभावित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने के लिये पिछले साल अक्तूबर में 2.11 लाख करोड़ रुपये की दो साल की रूपरेखा पेश की थी। आईबीए ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के सुधार एजेंडा – एनहांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सलीलेंस (ईएएसई) के क्रियान्वयन का आकलन करने के लिये परामर्शदाता की सेवा लेने का फैसला किया है।
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