नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) रैली को संबोधित करते हुए भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की तारीफ की। उन्होंने इसे भारत के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण करार दिया और कहा कि मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड को बल मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीसी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “अब ईयू के साथ जिस एग्रीमेंट पर सहमति बनी है, दुनिया उसे मदर ऑफ ऑल डिल्स के रूप में प्रशंसा कर रही है। इसको दुनिया के लिए एक गेमचेंजर डील बताया जा रहा है। यह आपके लिए फ्रीडम टू एस्पायर है। यह दुनिया की एक-चौथाई जीडीपी और एक-तिहाई ग्लोबल ट्रेड को रिप्रजेंट करता है। इससे पहले ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस जैसे देशों के साथ भी भारत ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये सभी एग्रीमेंट हमारे लाखों-करोड़ों युवाओं के लिए नए अवसर बनाने वाले हैं।”
उन्होंने कहा, “यूरोपियन यूनियन, यानी दुनिया के 27 देशों के साथ भारत का यह एग्रीमेंट हुआ है। इसका फायदा भारत के स्टार्टअप्स को होगा। भारतीय स्टार्टअप्स की फंडिंग और इकोसिस्टम तक पहुंच और आसान होगी। इस समझौते से हमारी क्रिएटिव इकोनॉमी, फिल्म, गेमिंग, फैशन, डिजिटल कंटेंट, म्यूजिक और डिजाइन को भी बहुत फायदा होगा। साथ ही भारत के नौजवानों के लिए रिसर्च और एजुकेशन से लेकर आईटी और अन्य प्रोफेशनल सर्विसेज में भी अनगिनत नए अवसर बनेंगे।”
पीएम मोदी ने कहा, “इसे मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि यह बहुत व्यापक, गहरा और नई-नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। इससे फायदों की लिस्ट बहुत बड़ी है। इससे आत्मनिर्भर अभियान को गति मिलेगी। मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड को बल मिलेगा। इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात पर टैरिफ या तो जीरो होगा या फिर बहुत कम हो जाएगा। इससे टेक्सटाइल, लेदर, ज्वेलरी, फुटवियर और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे हर भारतीय उद्योग और एमएसएमई को बहुत फायदा होगा। हमारे बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे उद्यमियों को सीधे 27 यूरोपीय देशों के विशाल बाजार तक पहुंच भी मिलेगी।”
उन्होंने बताया, “इस डील का एक और भी मजबूत पक्ष है, इससे भारत में ज्यादा निवेश आएगा। देश में नई इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल, फार्मा और अन्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू होंगे। इससे कृषि, फूड प्रोसेसिंग और फिशरीज में भी नए निवेश के लिए एक सुनिश्चित बाजार तैयार होगा। यह किसानों, मछुआरों और ग्रामीण युवाओं के लिए बहुत बड़ा अवसर है। यह एफटीए भारत के युवाओं को सीधे यूरोप के जॉब मार्केट से जोड़ता है। भारत के युवाओं के लिए 27 देशों में नए-नए अवसर खुल रहे हैं।”
–आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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