नई दिल्ली : विभन्न क्षेत्रों में नकली उत्पादों से देश को हर साल कुल एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है। ऐसे में इसके बारे में पर्याप्त जागरुकता फैलाने, निगरानी करने और इसके खिलाफ समाधान विकसित करने की जरूरत है। यह बात प्रमाणन उद्योग संगठन ‘प्रमाणन समाधान सेवाप्रदाता संघ’ (एएसपीए) ने कही। इस संगठन के 60 सदस्य हैं।
संघ ने ब्रांड, आय और दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए प्रमाणन प्रौद्योगिकी और समाधान अपनाने पर जोर दिया। एएसपीए के अध्यक्ष नकुल पासरिचा ने कहा कि वर्तमान में नकली उत्पादों से देश को हर साल करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होता है। प्रमाणन समाधान, जागरुकता और निगरानी का सही तरीके से पालन करके यदि नकली उत्पादों पर 50 प्रतिशत भी रोक लगा दी जाए जो देश को हर साल 50,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
नकली उत्पादों का नुकसान झेलने वालों में दवा क्षेत्र प्रमुख है। इस बारे में पासरिचा ने कहा कि सरकार को इस संबंध में पर्याप्त कदम उठाने की जरूरत है क्योंकि नकली दवाइयां आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है।


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