वित्त मंत्रालय विवादित वित्तीय समाधान एवं जमा बीमा (एफआरडीआई) विधेयक पर काम कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस विधेयक पर काम चल रहा है लेकिन अभी यह तय नहीं है कि इसे संसद में कब पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री का यह बयान जमा बीमा में पांच गुना की वृद्धि तथा दिवाला कानूनों में हालिया बदलावों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें वित्तीय संस्थानों का दिवाला समाधान भी शामिल है।
सीतारमण ने कहा कि हम एफआरडीआई विधेयक पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं बता सकते कि इसे संसद में कब रखा जाएगा। उन्होंने रिजर्व बैंक द्वारा सामान्य रूप से खुदरा ग्राहकों तथा विशेषरूप से एमएसएमई तथा रीयल्टी कंपनियों के लिए तरलता के उपायों की घोषणा का स्वागत किया।
केंद्रीय बैंक ने बृहस्पतिवार को चालू वित्त वर्ष की अपनी छठी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में इन उपायों की घोषणा की है। एफआरडीआई विधेयक के तहत ऐसा प्रावधान होगा जिसमें बैंकों को उबरने के लिए पहले अपने संसाधनों का इस्तेमाल करना होगा। कई लोगों को आशंका है कि इस विधेयक से जमाकर्ताओं का नुकसान होगा। बजट में जमा बीमा को पांच गुना कर एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये किया गया है।


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